
6 महीने की जेल, 25 हजार का जुर्माना... उत्तराखंड के UCC बिल में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर क्या हैं प्रावधान
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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी है. इसे लेकर धामी सरकार ने बिल पेश कर दिया है. विधानसभा से पास होने और फिर राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद ये कानून बन जाएगा. यूसीसी के बिल में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी नियम बनाए गए हैं.
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए बिल पेश कर दिया है. इसे समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 बिल नाम दिया गया है.
समान नागरिक संहिता का बिल अगर विधानसभा में पास हो जाता है, तो इसे फिर राज्यपाल के पास भेजा जाएगा. राज्यपाल के दस्तखत होते ही ये कानून बन जाएगा. इसके साथ ही समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन जाएगा. अभी गोवा में समान नागरिक संहिता लागू है, लेकिन वो पुर्तगाल के शासन से ही है.
बीजेपी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था. सरकार बनने के बाद धामी सरकार ने एक कमेटी बनाई थी. कमेटी ने ढाई लाख से ज्यादा सुझाव मांगे और उस आधार पर यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार किया.
कानून बनने के बाद ये सभी लोगों पर लागू हो जाएगा. हालांकि, इस कानून के प्रावधान अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोगों पर लागू नहीं होंगे.
अगर ये कानून बन जाता है तो इससे बहुविवाह पर भी रोक लग जाएगी. इतना ही नहीं, बिल में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी सख्त प्रावधान हैं. इसके तहत, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों को भी अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.
लिव-इन रिलेशनशिप वालों के लिए नियम

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