
55 में 47 बचाए गए, 8 अब भी फंसे... चमोली के बर्फीले तूफान में रेस्क्यू के 24 घंटे पूरे, ग्राउंड जीरो पर पहुंच रहे CM धामी
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उत्तराखंड के चमोली में हुए हिमस्खलन में मांड़ा गांव में 55 मजदूर दब गए. हालांकि, 33 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. जबकि 22 अभी फंसे हुए हैं.
उत्तराखंड के चमोली में एवलांच को आए 24 घंटे से ज्यादा हो गए. अभी भी 8 मजदूर फंसे हुए हैं. 47 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन प्रोजेक्ट में कुल 57 लोग काम कर रहे थे, जिसमें से दो लोग छुट्टी पर थे. ये सभी एवलांच की चपेट में आ गए. हालांकि 47 लोगों को निकाल लिया गया है लेकिन 7 अभी भी फंसे हुए हैं.
सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है. मौसम चुनौती बना हुआ है. सेना का Mi-17 हेलिकॉप्टर स्टैंड बाय पर है. जैसे ही मौसम ठीक होता हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन तेज हो जाएगा. वहीं, सीएम धामी चमोली में ग्राउंड जीरों पर पहुंच गए हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा ले रहे हैं.
फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जारी है रेस्क्यू अभियान
बचाव अभियान की जानकारी अपडेट करते हुए उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. चमोली जिले के ऊंचाई वाले गांव मांड़ा में हिमस्खलन के कारण फंसे कुल 55 बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) श्रमिकों में से 47 को बचा लिया गया है. 14 मजदूरों को शनिवार सुबह निकाला गया. जबकि 8 मजदूर अभी फंसे हुए हैं. एवलांच शुक्रवार सुबह 6:30 के करीब आया था.
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इन राज्यों के हैं मजदूर

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