
300 करोड़ की ठगी, 162 विदेश यात्राएं और 25 फर्जी कंपनियां... गाजियाबाद से ऐसे चलता था 'एंबेसी रैकेट'
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गाजियाबाद में फर्जी दूतावास चलाने के आरोप में गिरफ्तार हर्षवर्धन जैन को लेकर नोएडा एसटीएफ हर रोज नए खुलासे कर रही है. जांच में सामने आया है कि हर्षवर्धन ने विदेशों में 25 से ज्यादा कंपनियां रजिस्टर कराईं और 162 बार विदेश यात्रा की. शुरुआती जांच में 300 करोड़ रुपये के लोन घोटाले का पता चला है.
Ghaziabad Fake Embassy Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में फर्जी दूतावास (एंबेसी) चलाने के मामले में गिरफ्तार हर्षवर्धन जैन को लेकर नोएडा एसटीएफ रोज नए खुलासे कर रही है. एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, हर्षवर्धन के बी-35 कविनगर स्थित मकान से बरामद दस्तावेजों की जांच से पता चला है कि उसने एहसान अली सैयद के साथ मिलकर विदेशों में कई कंपनियां पंजीकृत कराईं. अब तक 25 कंपनियों और बैंक खातों की जानकारी सामने आ चुकी है. हर्षवर्धन जैन के विदेशों में कई खातों की भी जानकारी प्राप्त हुई है. उसने 10 वर्षों में 162 बार विदेश यात्रा की है. पुलिस अब हर्षवर्धन को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. कस्टडी रिमांड की अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी.
300 करोड़ के लोन घोटाले की जांच में जुटी एसटीएफ
एसटीएफ की टीमें 300 करोड़ से अधिक के एक घोटाले की जांच कर रही हैं, जिसमें हर्षवर्धन की संलिप्तता सामने आई है. यह घोटाला विदेश में लोन दिलाने के नाम पर किया गया. इसके अलावा कुछ अन्य घोटालों की भी जांच की जा रही है. नोएडा एसटीएफ के अधिकारियों का दावा है कि हर्षवर्धन हवाला और लाइजनिंग के कारोबार में भी सक्रिय था.
चर्चित व्यक्तियों से संबंध, लंदन में बनाई शेल कंपनियां
हर्षवर्धन की मुलाकात चंद्रास्वामी ने आर्म्स डीलर अदनान खशोगी (सउदी निवासी) और एहसान अली सैयद (लंदन निवासी) से कराई थी. एहसान अली सैयद हैदराबाद का निवासी है जिसने टर्की की नागरिकता ले ली है. चंद्रास्वामी ने ही हर्षवर्धन को लंदन भेजा था. वहां दोनों ने मिलकर कई शेल कंपनियां बनाईं.
विभिन्न देशों में 25 से अधिक कंपनियों और बैंक खातों का नेटवर्क

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