
'23 साल बाद कब्र से आजाद...', इजरायल की जेल से छूटे कैदियों ने सुनाई आपबीती
AajTak
रिहा हुए कैदी रियाद अराफात ने कहा कि इज़राइली जेलों में कैदी बहुत पीड़ा झेल रहे हैं. हमें रोज़ सुबह और शाम पीटा जाता था. खाना नहीं दिया जाता. मेरा 15 किलोग्राम वजन कम हो गया. लेकिन यह सब आज़ादी और फिलिस्तीन के लिए है.
इजरायली अधिकारियों ने हमास के साथ हुए अदला-बदली समझौते के तहत दूसरे फेज में 200 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया. फिलिस्तीनी प्रिजनर्स क्लब के प्रमुख अब्दुल्ला ज़घारी ने बताया कि इन कैदियों को अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) को सौंपा गया.
रिहा किए गए कैदियों में से 114 को वेस्ट बैंक के ओफर जेल से छोड़ा गया. 16 को केरेम शालोम क्रॉसिंग के जरिए गाजा ले जाया गया, और 70 को मिस्र भेजा गया. रामल्लाह गवर्नरेट के फिलिस्तीनी अधिकारियों ने इस रिहाई की प्रक्रिया का समन्वय किया.
फिलिस्तीनी कैदियों के मामलों की प्राधिकरण के अनुसार रिहा किए गए 200 कैदियों में 121 आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे और 79 अन्य को लंबी सजाएं दी गई थीं.
यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में लंबे इंतजार के बाद आई शांति कितने दिन की? नाजुक मोड़ पर पहुंची इजरायल-हमास की डील, अब क्या करेगा अमेरिका
रिहा हुए कैदी रियाद अराफात ने कहा कि इज़राइली जेलों में कैदी बहुत पीड़ा झेल रहे हैं. हमें रोज़ सुबह और शाम पीटा जाता था. खाना नहीं दिया जाता. मेरा 15 किलोग्राम वजन कम हो गया. लेकिन यह सब आज़ादी और फिलिस्तीन के लिए है.
कैदी एहाब अल-शराफा ने कहा कि मेरे भावनाएं अविश्वसनीय हैं, अब भी ऐसा लगता है कि मैं किसी सपने में हूं. मैं 23 सालों बाद इस कब्र से बाहर आने के लिए ऊपरवाले का शुक्रिया अदा करता हूं.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








