
2024 का सपना, 2047 का लक्ष्य और 3023 तक का जिक्र... PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें, 9 साल में आया इतना बदलाव
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2024 के चुनाव से पहले और दूसरे कार्यकाल के आखिरी स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से दसवीं बार तिरंगा फहराने नरेंद्र मोदी पहुंचे. पीएम मोदी ने 90 मिनट का भाषण दिया. फिर अगले एक घंटे के भीतर विपक्ष उन्हें ग्यारहवीं बार लालकिले तक जाने से रोकने के के दावे करने लगा.
देश को आजाद हुए 76 वर्ष हो गए. मंगलवार को भारत ने अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. ऐसे में सुबह प्रधानमंत्री जब लालकिले पर भाषण देने पहुंचे तो उन्होंने एक हजार साल पहले शुरू हुई गुलामी से लेकर अब अगले एक हजार साल बाद तक देश के भविष्य की बात की. लाल किले पर 77वां स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम पूरे देश ने देखा. पूरे देश ने लालकिले से प्रधानमंत्री मोदी की 90 मिनट का भाषण सुना. पीएम ने सुप्रीम कोर्ट का जिक्र किया तो चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को हाथ जोड़कर अभिवादन करते सारे देश ने देखा.
देश जानता है कि अभी 2023 चल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में 3023 तक की यानी 1000 साल आगे की बात कर दी. प्रधानमंत्री ने भरोसे के साथ आज लालकिले से कहा कि अगली बार मैं ही आऊंगा. लेकिन विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री तिरंगा अगले साल फहराएंगे तो लेकिन अपने घर में. इसीलिए 90 मिनट के प्रधानमंत्री के भाषण की उस व्यूह रचना को समझते हैं, जिसमें 2024 का सपना है, 2047 का लक्ष्य है और 3023 तक की बात है.
2024 के चुनाव से पहले और दूसरे कार्यकाल के आखिरी स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से दसवीं बार तिरंगा फहराने नरेंद्र मोदी पहुंचते हैं. 90 मिनट का भाषण देते हैं. फिर अगले एक घंटे के भीतर विपक्ष उन्हें ग्यारहवीं बार लालकिले तक जाने से रोकने के के दावे करने लगता है.
लालकिले से दिलाया 2024 में दोबारा आने का भरोसा
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने लालकिले से कह दिया, 'आऊंगा तो मैं ही.' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परिवर्तन का वादा मुझे यहां लाया. इसके बाद 2019 में परफॉर्मेंस के आधार पर आप सबने दोबारा आशीर्वाद दिया. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले पांच साल अभूतपूर्व विकास के हैं. पीएम बोले, '2047 के सपने को साकार करने का स्वर्णिम पल आने वाले पांच साल हैं और अगली बार 15 अगस्त को इसी लाल किले से मैं आपको देश की उपलब्धियां, आपके सामर्थ्य, आपके संकल्प में हुई प्रगति, उसकी जो सफलता है, उसके गौरवगान उससे भी अधिक आत्मविश्वास के साथ, आपके सामने में प्रस्तुत करूंगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ना तो कोई इफ है, ना कोई बट है, विश्वास बन चुका है. अब गेंद हमारे पाले में हैं. हमें अवसर जाने नहीं देना है. हमें मौका छोड़ने नहीं देना है.
2047 तक विकसित भारत का वादा

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