
20 लाख गरीब बच्चों का करा चुकीं मुफ्त इलाज... आंखों और कैंसर से जंग की मुहिम, डॉ. भारती कश्यप की कहानी
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झारखंड के दूरदराज और आदिवासी इलाकों में जहां कभी इलाज तक पहुंचना मुश्किल था, वहां एक डॉक्टर ने लाखों लोगों के जीवन में उम्मीद की रोशनी जगाई. डॉ. भारती कश्यप अब तक करीब 20 लाख गरीब बच्चों की आंखों का मुफ्त इलाज करा चुकी हैं. आंखों की रोशनी बचाने से लेकर सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ जागरूकता की बड़ी मुहिम तक, पिछले तीन दशकों से उनका काम हजारों गांवों और लाखों परिवारों की जिंदगी बदल रहा है. आज महिला दिवस पर डॉ. भारती कश्यप की कहानी...
महिला दिवस पर जब महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान की बात होती है, तो झारखंड की डॉ. भारती कश्यप का नाम भी सामने आता है. आंखों की रोशनी बचाने के लिए गांव-गांव अभियान चलाने वाली डॉ. कश्यप अब तक करीब 20 लाख गरीब बच्चों का मुफ्त इलाज करा चुकी हैं. यही नहीं, वे सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ भी बड़ी मुहिम चला रही हैं, जिससे लाखों महिलाओं को जागरूकता और इलाज की नई उम्मीद मिली है.
करीब तीन दशक पहले डॉ. भारती कश्यप ने चिकित्सा के क्षेत्र में कदम रखा. उन्होंने तय किया कि झारखंड के उन इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचानी हैं, जहां आज भी डॉक्टरों की पहुंच बहुत कम है. खासकर आदिवासी बहुल इलाकों में उन्होंने नेत्र रोगियों के लिए काम शुरू किया.
सारंडा के घने जंगलों से लेकर संताल परगना के गांवों तक और कोल्हान से पलामू प्रमंडल तक... डॉ. कश्यप कई बार अपने खर्चे पर भी लोगों तक पहुंचीं. कभी सरकारी सहयोग मिला, तो कभी सामाजिक संगठनों ने साथ दिया. लेकिन उनका सफर कभी रुका नहीं.
नेत्रदान के लिए लोगों को जागरूक किया
आंखों की रोशनी खो चुके लोगों की पीड़ा ने उन्हें नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को समझाया कि नेत्रदान किसी के जीवन में नई रोशनी ला सकता है.
धीरे-धीरे उनका यह अभियान एक आंदोलन बन गया. लोगों ने नेत्रदान के लिए आगे आना शुरू किया और हजारों लोगों को नई रोशनी मिलने लगी. बिहार और झारखंड क्षेत्र में नेत्रदान और नेत्र प्रत्यारोपण की शुरुआत कराई.

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