
18 साल पहले बेरहमी से कत्ल कर दी गई थी 13 साल की बेटी, अब अदालत ने परिवार को सौंपा कंकाल
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पुलिस के अनुसार, 13 वर्षीय सोफिया की दिसंबर 2006 में गोवा में हत्या कर दी गई थी, जब वह यहां के एक ठेकेदार हमसा के घर में नौकरानी के रूप में काम कर रही थी. पुलिस ने बताया कि वह रसोई में गंभीर रूप से जल गई थी और सजा के डर से आरोपी हमसा ने लड़की की हत्या कर दी थी.
केरल के कासरगोड में अदालत ने 18 साल पहले मारी गई एक लड़की का कंकाल उसके माता-पिता को सुपुर्द किया है. उस लड़की की हत्या गोवा में की गई थी. जहां कातिल ने उसकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे. अब उस लड़की की खोपड़ी उसके परिवार को सौंपी गई है.
मृतका का नाम सोफिया था. वह पड़ोसी राज्य कर्नाटक के कुर्ग की रहने वाली थी. उसके माता-पिता अपनी बेटी का अंतिम संस्कार अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार करना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने मुख्य सत्र अदालत से गुहार लगाई थी. अदालत ने उनकी अर्जी को स्वीकार करते हुए सोमवार को उन्हें लड़की की खोपड़ी सौंप दी.
लड़की का कत्ल किए जाने के कुछ समय बाद एक सुनसान जगह से उसकी खोपड़ी और हड्डियों के टुकड़े बरामद किए गए थे. किशोरी लड़की की हत्या के मामले में ये सभी अहम सबूत बन गए थे.
सोमवार को मृतका की मां आयशा और पिता मोइथु के अलावा कुर्ग के अयंगेरी के लोग और मृतक लड़की के कुछ करीबी रिश्तेदार भी अदालत पहुंचे थे. उन सभी की मौजूदगी में वो खोपड़ी सोफिया को माता-पिता को सौंपी गई. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि लाश को उसके पैतृक स्थान ले जाया गया और सोमवार रात को ही स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया गया.
पुलिस के अनुसार, 13 वर्षीय सोफिया की दिसंबर 2006 में गोवा में हत्या कर दी गई थी, जब वह यहां के एक ठेकेदार के सी हमसा के घर में नौकरानी के रूप में काम कर रही थी. पुलिस ने बताया कि वह रसोई में गंभीर रूप से जल गई थी और सजा के डर से आरोपी हमसा ने लड़की की हत्या कर दी थी और उसकी लाश को टुकड़ों में काट कर गोवा में निर्माणाधीन एक बांध पर फेंक दिया था.
लेकिन साल 2008 में सोफिया की लाश को बरामद किया गया था. हालांकि बाद में आरोपी हमसा को गिरफ्तार कर लिया गया था और एक स्थानीय अदालत ने उसे 2015 में मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने 2019 में उसकी सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था.

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