
137 साल पुराना वो रिकॉर्ड, जो क्रिकेट के इतिहास में अब तक कोई नहीं तोड़ पाया
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... लेकिन निचले क्रम पर कोई खिलाड़ी मैदान पर उतरे और अपनी बल्लेबाजी से कीर्तिमान रच दे तो जरूर हैरान करता है. ऐसा ही एक रिकॉर्ड 137 साल पहले रचा गया, जो आज तक नहीं टूटा है.
बल्लेबाजों पर टीम के स्कोर को आगे ले जाने की जिम्मेदारी रहती है. ऐसे में शीर्षक्रम और मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर टीम का दारोमदार होता है. लेकिन निचले क्रम पर कोई खिलाड़ी मैदान पर उतरे और अपनी बल्लेबाजी से कीर्तिमान रच दे तो जरूर हैरान करता है. ऐसा ही एक रिकॉर्ड 137 साल पहले रचा गया, जो आज तक नहीं टूटा है.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












