
13 हजार से अधिक घायल, 5000 से ज्यादा मौतें, 200 बंधक, हमास- इजरायल की जंग के 14 दिन में हुआ इतना नुकसान
AajTak
जंग की शुरूआत 7 अक्टूबर को उस समय हुई जब हमास के लड़ाकों ने जल, थल और नभ से हमला कर दिया. इजरायल में घुसकर हमास के लड़ाकों ने सैकड़ों निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद इजरायल ने पलटवार करते हुए हमास के कई कमांडर मार गिराए.
हमास और इजरायल के बीच छिड़ी जंग को 14 दिन हो गए हैं. दोनों तरफ से इस जंग में अभी तक पांच हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 13 हजार से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इन सबके बीच गाजा पर इजरायली हवाई हमले जारी हैं और इजरायल के रक्षा मंत्री ने अपने सैनिकों से फिलिस्तीनी क्षेत्र पर जमीनी हमले के लिए तैयार रहने को कहा है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया है कि ग्राउंड ऑपरेशन कब शुरू होगा.
इजरायल की गाजा पर मौजूदा कार्रवाई के बीच 1 मिलियन से अधिक फिलिस्तीनी (गाजा की लगभग आधी आबादी) उत्तर और गाजा शहर में अपने घर छोड़कर जा चुके हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के अनुरोध के बाद मिस्र से गाजा में सीमित मानवीय सहायता की अनुमति दी जाएगी.
ये भी पढ़ें: 90 लाख आबादी, 8 देशों पर भारी... इजरायल की सबसे बड़ी ताकत है ये खजाना, जिसकी दुनिया मुरीद!
5 हजार से अधिक मौतें
जंग की शुरूआत 7 अक्टूबर को उस समय हुई जब हमास के लड़ाकों ने जल, थल और नभ से हमला कर दिया. इसके बाद इजरायल ने पलटवार करते हुए हमास के खात्मे की प्रतिज्ञा ली और जंग का ऐलान कर दिया. युद्ध शुरू होने के बाद गाजा सबसे खतरनाक जगह बन गई. हमास के कई ठिकानों को इजरायल ने ध्वस्त कर दिया है और कई कमांडर मार गिराए हैं. हमास द्वारा संचालित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार बताया कि अभी तक 3,785 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और लगभग 12,500 अन्य घायल हुए हैं.
वहीं इजरायल की बात करें तो अभी तक 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें से अधिकतर शुरुआती हमले मारे गए. इसके अलावा हमास के लड़ाके इजरायल के कई नागरिकों को भी बंधक बनाए हुए हैं. इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि ऐसे 206 लोगों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है, जिनके बारे में माना जाता है कि उनका हमास ने अपहरण कर लिया है और उन्हें गाजा में रखा गया है.

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.

अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के आरोप में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और तेल से जुड़े शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन नेटवर्कों के जरिए अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी. कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की अधिकतम दबाव नीति का हिस्सा है.

अमेरिका ने कैरिबियन सागर में वेनेजुएला-संबंधित तेल टैंकर Veronica को जब्त कर लिया है, जो पिछले कुछ हफ्तों में छठा लक्ष्य बना है. यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रम्प और विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो के बैठक से पहले हुई. अमेरिकी सेना का कहना है कि टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और अब सिर्फ कानूनी रूप से तेल ही निकलेगा.








