
बांग्लादेश में जमात और एनसीपी का हुआ गठबंधन, छात्र नेताओं ने कट्टरपंथियों से मिलाया हाथ
AajTak
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले एक बड़े सियासी उलटफेर में कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी और छात्र आंदोलन के चेहरे नाहिद इस्लाम की नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के बीच गठबंधन हो गया है. इस्लामिक दलों के इस नए और बड़े कुनबे ने देश की चुनावी सरगर्मी को तेज कर दिया है.
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के बीच चुनावी गठबंधन की औपचारिक घोषणा हो गई है. बुधवार देर रात ढाका में हुई बैठक में तय हुआ कि 300 संसदीय सीटों में से जमात-ए-इस्लामी 179 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि जुलाई छात्र आंदोलन के नेता नाहिद इस्लाम की एनसीपी को 30 सीटें दी गई हैं. वहीं, युवा लीडर तसनीम जारा ने गठबंधन का विरोध करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
11-दलीय गठबंधन में अन्य इस्लामिक संगठनों को भी शामिल किया गया है, जिसमें बांग्लादेश खिलाफत मजलिस को 20, खिलाफत मजलिस को 10 और निजाम-ए-इस्लामी व बांग्लादेश डेवलपमेंट पार्टी को 2-2 सीटें बांटी गई हैं.
12 फरवरी 2026 को होने वाले मतदान से पहले कट्टरपंथी और युवा नेतृत्व वाले दलों का यह मेल एक बड़े ध्रुवीकरण की ओर इशारा कर रहा है. हालांकि, जमात जैसी विवादित पार्टी के साथ हाथ मिलाने के फैसले से नाराज होकर एनसीपी के कई युवा नेताओं और महिला सदस्यों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.
सीटों का बंटवारा और इस्लामिक दलों का दबदबा
गठबंधन के तहत जमात-ए-इस्लामी ने सबसे ज्यादा 179 सीटों पर दावेदारी ठोककर अपनी मजबूती दिखाई है. नाहिद इस्लाम, जो कभी शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन के प्रमुख समन्वयक थे, उनकी पार्टी एनसीपी को 30 सीटों से संतोष करना पड़ा है. गठबंधन ने कहा है कि हर सीट पर केवल एक ही साझा उम्मीदवार होगा, जिससे वोट बैंक का बिखराव न हो.
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदुओं पर नहीं थम रहा अत्याचार, चाकू गोदकर एक और कारोबारी की हत्या

क्या अगले 24 घंटे में अमेरिका ईरान पर हमला करेगा. इस वीडियो में जानिए क्यों अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने सैन्य युद्ध के घेरा को मजबूत करना शुरू कर दिया है. मध्य-पूर्व में एक बड़े सैन्य टकराव की संभावना बन रही है. इस दौरान अमेरिका के युद्ध के पांच बड़े संकेत देखने को मिल रहे हैं. इनमें प्रमुख हैं टैंकर विमानों की उड़ानें, ईरान का बंद एयरस्पेस और मिलिट्री अलर्ट, USS अब्राहम लिंकन बेड़े की युद्घ स्थल की ओर बढ़ती हलचल, अल उदीद एयरबेस पर सैनिकों की तैनाती में बदलाव, और ट्रंप द्वारा ईरान पर तेज हमला करने की इच्छा.

ईरान में इस्लामिक शासन और आर्थिक कठिनाईयों के बीच व्यापक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. दो हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और कई हजार गिरफ्तार हैं. सरकार ने प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाने की सजा दी है जिससे जनता में भय व्याप्त है. अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है और लगभग पचास टारगेट्स पर एयर स्ट्राइक की तैयारी कर रहा है. ईरान की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है और भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षा हेतु सलाह जारी की है.

लंदन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने एक नाबालिग सिख लड़की का यौन शोषण किया. घटना का पता लगते ही सिख समुदाय भड़क उठा. अब लंदन की सड़कों पर उनका प्रोटेस्ट जारी है. लंदन समेत पूरे ब्रिटेन में सिखों की अच्छी-खासी आबादी है. सामाजिक-आर्थिक तौर पर भी यह समुदाय औसत ब्रिटिश नागरिकों से बेहतर स्थिति में है. फिर कनाडा की बजाए ये देश उतना लोकप्रिय क्यों नहीं?

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में बीच पर जश्न मना रहें यहूदियों पर दो हमलावरों ने जबरदस्त फायरिंग की. इस हमले में कई लोगों की मौत की जानकारी है वहीं कई घायल है. ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने इस हमले को आतंकी हमला घोषित किया. हमले के दौरान बॉन्डी बीच पर इंग्लैंड के पूरिव क्रिकेटर माइकल वॉन समेत 2 हजार लोग मौजूद थे.

ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारी खामनेई के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं. वे लगातार शाह शासन को लौटाने की मांग कर रहे हैं. कई प्रदर्शनकारी शाह के शासनकाल वाले राष्ट्रीय ध्वज को लहराते नजर आए हैं. इस बीच ईरान की सत्ता ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ सजा देने का सिलसिला शुरू करने की ठान ली है. जिसे लेकर ट्रंप ने चेतावनी दी है.

2023 में कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी सोने की चोरी का मामला अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है. लगभग 165 करोड़ रुपये की चोरी में मुख्य आरोपी प्रीत पनेसर, जो एयर कनाडा में मैनेजर था, पर सोने से भरे कंटेनरों को एयर कार्गो सिस्टम के जरिए चोरी करने का आरोप है. कनाडा ने भारत से पनेसर के प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग की है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं.







