12वीं नहीं, अब 8वीं-10वीं के बाद भी इस यूनिवर्सिटी में ले सकते हैं दाखिला, शुरू हुए ये कोर्स
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इस विश्वविद्यालय में इस साल में 10वीं पास छात्रों के लिए भी कई कोर्स शुरू किए गए हैं. ये कोर्स आईटीआई व पॉलीटेक्निक की तरह हैं. साथ ही चित्रकला के छात्रों के लिए भी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए गए हैं जिसमें पेंटिंग, ग्राफिक्स डिजाइनिंग, एनीमेशन और 3डी प्रिंटिंग कोर्स हैं.
यूनिवर्सिटी कैंपस में जाकर नया सीखने का सपना अक्सर 12वीं के बाद ही पूरा होता है. 12वीं के बाद यूजी कोर्सेज में दाखिले के लिए छात्र यूनिवर्सिटी का रुख करते हैं. लेकिन कानपुर की छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने 12 साल की उम्र से ही यूनिवर्सिटी में नया सीखने का मौका दिया है.
नये सत्र में सीएसजेएमयू की ओर से ऐसे करीब 20 कोर्सों की शुरुआत की जा रही है, जिसमें छात्र कुछ नया सीख सकते हैं. इन कोर्सेज में दाखिला लेने के लिए 12वीं की परीक्षा पास होने को अनिवार्य नहीं किया गया है. इन सभी करीब 20 कोर्सों में दाखिले के लिए छात्रों की योग्यता का पैमाना 8वीं पास रखा गया है. इसमें दाखिला लेने के बाद प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी पढ़ाई के बाद अपने पैरों पर खड़े होने के लिए खुद का रोजगार शुरू कर सकते हैं. वजह ये सभी स्किल बेस्ड कोर्स हैं जो छात्रों को अलग-अलग फील्ड में पारंगत बनाने के लिए शुरू किए गए हैं.
10वीं पास के लिए भी शुरू हुए ये कोर्स
यही नहीं विवि ने इस साल 10वीं पास छात्रों के लिए भी कई कोर्स शुरू किए हैं. ये कोर्स आईटीआई व पॉलीटेक्निक की तर्ज पर हैं, इसके साथ ही चित्रकला के छात्रों के लिए भी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए गए हैं जिसमें पेंटिंग, ग्राफिक्स डिजाइनिंग, एनीमेशन और 3डी प्रिंटिंग कोर्स हैं. इसमें किसी भी वर्ग के छात्र हिस्सा ले सकते हैं. वहीं, घरेलू पेंटर, इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन, आर्किटेक्चरल, मशीनिस्ट,एसी व फ्रिज मैकेनिकल आदि कोर्स में भी दाखिला ले सकते हैं.
नये कोर्स शुरू करने वाला पहला विश्वविद्यालय बना CSJMU
बता दें कि इस नई पहल के साथ ही सीएसजेएमयू ऐसा करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय होने का दावा कर सकेगा. सीएसजेएम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक के निर्देश पर नए कोर्सों की शुरुआत की जा रही है जिसमें युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल शामिल है. ये सभी जरूरी कोर्स स्किल बेस्ड हैं. इसके तहत कई ऐसे कोर्स शुरू किए जा रहे हैं जिनमें प्रवेश के लिए उम्र की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है.

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