
10 मिनट में दो कत्ल, तीसरे से पहले लिखा सुसाइड नोट... पुलिसवाले के खौफनाक कांड की Inside Story
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अभी मेड अंदर दाखिल हो रही थी कि एक शख्स तेज़ी से आया और मेड को धक्का देता हुआ अंदर घुस गया. उसने अंदर जाते ही सबसे पहले दरवाज़ा बंद किया और फिर तो जो कुछ हुआ, उसे याद कर भोपाल के इस मोहल्ले के लोग सिहर उठते हैं.
Bhopal Double Murder Conspiracy: मध्य प्रदेश में रहने वाले उस शख्स को तीन कत्ल करने थे. एक अपनी पत्नी का. दूसरा अपनी साली का और तीसरा एक पुलिस अफसर का. पहले दो कत्ल वो कर चुका था. अब बारी थी तीसरे कत्ल की. यानी पुलिस अफसर के मर्डर की. इसके बाद वो शख्स खुद भी मरना चाहता था. उसने तीसरे कत्ल से पहले ही अपना सुसाइड नोट भी तैयार कर लिया था. मगर इससे पहले कि वो तीसरा और आखिरी कत्ल करता, इस बात की खबर पुलिस को मिल चुकी थी. ये साजिश रचनेवाला वो शख्स कोई और नहीं बल्कि खुद मध्य प्रदेश पुलिस का असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर था.
3 दिसंबर 2024, सुबह 11 बजे, भोपाल भोपाल के ऐशबाग इलाके में ही वो फ्लैट है, जिसमें 3 दिसंबर की सुबह एकाएक कोहराम मच गया. उस घर में काम करने वाली मेड ने सुबह करीब साढ़े दस बजे घर का दरवाजा खटखटाया. अभी मेड अंदर दाखिल हो रही थी कि एक शख्स तेज़ी से आया और मेड को धक्का देता हुआ अंदर घुस गया. उसने अंदर जाते ही सबसे पहले दरवाज़ा बंद किया और फिर तो जो कुछ हुआ, उसे याद कर भोपाल के इस मोहल्ले के लोग सिहर उठते हैं.
10 मिनट में दो बहनों का कत्ल अगले सात से आठ मिनटों तक लगातार तीन महिलाओं के रोने-चिल्लाने की आवाज़ सुनाई देती रही. और जब तक ये शोर थमा, तब तक तीन में दो महिलाओं की सांसें थम चुकी थी. महज़ दस मिनट में घर में घुस आए कातिल ने चाकू के ताबड़तोड़ वार से 35 साल की विनीता मरावी और 30 साल की उसकी बहन मेघा उइके की जान ले ली. इस दौरान घर से बाहर निकल कर मेड सर्वेंट ने शोर मचाया. पड़ोसियों को आवाज़ दी. रिश्तेदारों को कॉल किया और सौ नंबर पर कॉल कर पुलिस को इत्तिला भी दे दी. लेकिन जब तक लोग एक्शन में आते, तब तक क़ातिल फरार हो चुका था.
पुलिसवाला निकला कातिल लेकिन आखिर कौन था ये शख्स? और उसकी इन दो बहनों से ऐसी क्या दुश्मनी थी? क्योंकि उसने पूरी प्लानिंग से इस टारगेट किलिंग को अंजाम दिया? तो जब तफ्तीश आगे बढ़ी तो जो कहानी सामने आई, उसने खुद पुलिस वालों को भी हैरान कर दिया. वजह ये कि क़ातिल कोई और नहीं बल्कि खुद मध्य प्रदेश पुलिस का एक एएसआई यानी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर था. एएसआई योगेश मरावी. और योगेश ने जिन दो बहनों की जान ली, उनमें से एक उसकी बीवी विनीता मरावी थी, जबकि दूसरी उसकी साली मेघा उइके.
सीसीटीवी में कैद कातिल की तस्वीरें मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस ने घर में पड़ी लाशों को बरामद करने और सीन ऑफ क्राइम का मुआयना करने के साथ-साथ कातिल की तलाश और उसकी पहचान के लिए आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की शुरुआत की और तब उसे कैमरे में अपने ही एक एएसआई योगेश मरावी की वो तस्वीरें नजर आईं, जिसमें वो पैदल ही अपनी बीवी के घर यानी मौका-ए-वारदात की तरफ बढ़ता नजर आ रहा था. उसके हाथ में एक बैग था और बैग में चाकू.
सात घंटे बाद कातिल ASI की गिरफ्तारी राजधानी में सुबह-सुबह पर डबल मर्डर को अंजाम दे कर पूरे मध्य प्रदेश को दहला देने वाले योगेश की पोस्टिंग इन दिनों मंडला जिले में थी. ऐसे में भोपाल पुलिस ने उसे अपने तौर पऱ ढूंढने के साथ-साथ मंडला की पुलिस को भी इसकी खबर दी. और सात घंटे गुजरते-गुजरते योगेश को गिरफ्तार कर लिया गया. योगेश को पुलिस ने भोपाल से करीब चार सौ किलोमीटर दूर पिंडरई की एक पुलिस चौकी के पास से तब दबोचा, जब वो एक टैक्सी में सवार होकर भागने की कोशिश कर रहा था.

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