
'10वीं के बाद छात्र शिक्षित बेरोजगार हो जाते हैं...', पश्चिम बंगाल के सीनियर मंत्री का बयान
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बंगाल के सीनियर मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक ट्वीट कर कहा कि पश्चिम बंगाल की बेरोजगारी की समस्या को स्वीकार करने के लिए मंत्री का धन्यवाद.
पश्चिम बंगाल के मंत्री सोवनदेब चटर्जी ने यह कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया है कि 10वीं के रिजल्ट के बाद छात्र-छात्राएं शिक्षित बेरोजगार बन जाते हैं. शनिवार को ममता कैबिनेट के सीनियर मंत्री ने कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शनिवार को 10वीं के रिजल्ट आने के बाद उत्तीर्ण अभ्यर्थी शिक्षित बेरोजगार हो गए.
मंत्री कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक एजुकेशन फेयर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. वह हाल के दिनों में तकनीकी शिक्षा के महत्व पर बोल रहे थे. मंच पर बंगाल के दो अन्य मंत्री फिरहाद हकीम और हुमायूं कबीर भी मौजूद थे.
पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से 10वीं की रिजल्ट जारी होने के एक दिन बाद चटर्जी ने कहा, "12 लाख छात्र-छात्राओं ने माध्यमिक परीक्षा दी. इनमें से 86 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए. इसके बाद सभी शिक्षित बेरोजगार हो गए. उन्होंने कहा कि इसके बाद हायर सेकेंडरी, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, पॉलिटेक्निक... सीनियर मंत्री ने कहा कि हर दिन न जाने कितने छात्र क्वालिफाई कर रहे हैं लेकिन वे बस सोचते रह जाते हैं. ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए कोई नौकरी नहीं है.
विपक्ष बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर टीएमसी पर साध रहा निशाना
चटर्जी की विवादास्पद टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष बेरोजगारी जैसे मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को निशाना बना रहा है और सीबीआई एसएससी घोटाले की जांच कर रही है, जिसमें हजारों युवा उचित पात्रता परीक्षा के माध्यम से नौकरी पाने से वंचित थे.
बता दें कि शनिवार को पश्चिम बंगाल बोर्ड 10वीं की परीक्षा के रिजल्ट की घोषणा कर दी गई है. कुल 86.60 फीसदी छात्र परीक्षा में पास हुए हैं. बोर्ड ने 10 लाख से अधिक उम्मीदवारों का रिजल्ट जारी किया है.

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