
होली में घर जाने वालों के लिए खुशखबरी, रेलवे चलाने जा रहा 28 स्पेशल ट्रेन, देखें शेड्यूल
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भारतीय रेलवे ने होली के लिए स्पेशल ट्रेन का ऐलान कर दिया है. यह स्पेशल ट्रेनें सेंट्रल रेलवे की ओर से संचालित की जाएंगी. स्पेशल ट्रेन अलग-अलग रूट के लिए चलेंगी. यह ट्रेन मुंबई-नागपुर और नागपुर से पुणे के लिए चलाई जाएंगी.
भारतीय रेलवे ने होली के लिए स्पेशल ट्रेन का ऐलान कर दिया है. यह स्पेशल ट्रेनें सेंट्रल रेलवे की ओर से संचालित की जाएंगी. स्पेशल ट्रेन अलग-अलग रूट के लिए चलेंगी. यह ट्रेन मुंबई-नागपुर और नागपुर से पुणे के लिए चलाई जाएंगी. आइए जानते हैं इन ट्रेनों की टाइमिंग और पूरा शेड्यूल...
1. सीएसएमटी-नागपुर-सीएसएमटी सप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (8 ट्रिप) ट्रेन नंबर 02139 सप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 9 मार्च, 11 मार्च, 16 मार्च और 18 मार्च को (रविवार और मंगलवार) को 00.20 बजे चलेगी और उसी दिन नागुपर 15.10 बजे पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन नंबर 02140 नागपुर से 9 मार्च, 11 मार्च, 16 मार्च और 18 मार्च (रविवार और मंगलवार) को 20.00 बजे चलेगी और अगले दिन CSMT रेलवे स्टेशन पर 13.30 बजे पहुंच जाएगी.
हॉल्ट: दादर, थाणे, कल्यान, इगतपुरी, नासिक रोड, मनमाड, जलगांव, भुसावल, मलकापुर, शेगांव, अकोला, मुर्तिजापुर, बडनेरा, धामनगांव और वर्धा.
2. सीएसएमटी-मडगांव-सीएसएमटी साप्ताहिक स्पेशल (4 ट्रिप) ट्रेन नंबर 01151 सप्ताहिक स्पेशल ट्रेन CSMT रेलवे स्टेशन से 06 मार्च और 13 मार्च (गुरुवार) को 00.20 बजे चलेगी और उसी दिन 13.30 बजे मडगांव पहुंचेगी. वापसी में 01152 सप्ताहिक स्पेशल 06 & 13 मार्च (गुरुवार) को 14.15 बजे चलेगी और अगले दिन CSMT स्टेशन पर 03.45 बजे पहुंच जाएगी.
हॉल्ट: दादर, ठाणे, पनवेल, पेन, रोहा, मानगांव, खेड़, चिपलून, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, अदावली, विलावडे, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, कंकावली, सिंधुदुर्ग, कुडाल, सावंतवाड़ी रोड और थिविम.
3. LTT-मडगांव -LTT सप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (4 ट्रिप) ट्रेन नंबर 01129, 13 मार्च और 20 मार्च (गुरुवार) को 22.15 बजे एलटीटी से चलेगी और अगले दिन मडगांव 10.30 बजे पहुंचेगी. वापसी की बात करें तो ट्रेन नंबर 01130 सप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 14 मार्च और 21 मार्च को 14.30 बजे मडगांव से चलेगी और नेक्स्ट डे 04.05 बजे LTT पहुंच जाएगी.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












