
हेलिकॉप्टर रोकने का आरोप गलत, रीफ्युलिंग के लिए रुका था अखिलेश का चॉपर!
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अखिलेश यादव ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया. अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि उनको मुजफ्फरनगर जाने से रोका जा रहा है. उनकी तरफ से दावा किया गया कि उनके हेलिकॉप्टर को काफी देर तक उड़ान नहीं भरने दी गई. जिस पर अब सरकार जा जवाब भी आ गया है.
अखिलेश यादव के हेलिकॉप्टर को रोकने को लेकर सरकारी सूत्रों से एक खबर सामने आ रही है. जिसमें कहा गया है कि ट्रैफिक कंजेशन और रीफ्युलिंग के लिए चॉपर रुका था. अखिलेश यादव के हेलिकॉप्टर की रीफ्युलिंग हो रही थी. जिसके बाद उसे तुरंत उड़ान भरने की इजाजत दे दी गई. ऐसे में सरकारी सूत्रों की मानें तो अखिलेश के आरोप को गलत करार दिया गया है. बता दें कि अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर आज शुक्रवार को उनके हेलिकॉप्टर को रोककर रखने का आरोप लगाया. अखिलेश के तय कार्यक्रम के मुताबिक 1 बजे करीब मुजफ्फरनगर में उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी, लेकिन वह करीब ढाई बजे तक दिल्ली में ही थे. हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने मुजफ्फरनगर के लिए उड़ान भर ली. मेरे हैलिकॉप्टर को अभी भी बिना किसी कारण बताए दिल्ली में रोककर रखा गया है और मुज़फ़्फ़रनगर नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि भाजपा के एक शीर्ष नेता अभी यहाँ से उड़े हैं। हारती हुई भाजपा की ये हताशा भरी साज़िश है। जनता सब समझ रही है… pic.twitter.com/PFxawi0kFD

जिस समय दुनिया में भारत में चल रही AI समिट की वाहवाही हो रही थी. दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्रप्रमुख भारत की क्षमताओं और लीडरशिप के कायल हो रहे थे. तब कांग्रेस की यूथ विंग का 'राजनीतिक विरोध'... कुंठा और हताशा की सारी सीमाओं को पार कर गया और फिर उन्होंने जो किया, उसे शर्मनाक, फूहड़ता, निर्लज्जता और 'राजनीतिक अधोपतन' ही कहा जा सकता है. कांग्रेस की यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने किसी पूर्व नियोजित योजना के तहत सुरक्षा घेरा तोड़कर AI समिट में प्रवेश किया.

आज की घटना में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने मोदी विरोध में अपने कपड़े उतारकर AI Impact Summit में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदा किया. इस प्रकार के विरोध को राजनीति नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह देश के सम्मान के खिलाफ है. युवा नेताओं की इस हरकत ने देश की छवि को प्रभावित किया है. राजनीतिक विरोध करना अपनी बात सामने रखने का तरीका होता है लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से देश के हितों को नुकसान होता है.

यह वीडियो कांग्रेस द्वारा AI समिट में किए गए विरोध प्रदर्शन पर केंद्रित है. दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विपक्ष के विरोध ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह विरोध राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है. इस दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे और प्रदेश की सकारात्मक विकास खबरों पर भी चर्चा की गई है. देखें खबरदार.

एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए और टी-शर्ट्स पर संदेश लिखे गए. समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई वैश्विक कंपनियों के प्रमुख मौजूद थे. विरोध के समय और तरीके को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.

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राहुल गांधी ने कश्मीरी छात्रों और शॉल विक्रेताओं पर बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के संयोजक नासिर खुएहामी को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई. राहुल गांधी ने कहा कि नफरत की राजनीति ने देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न बढ़ा है.

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