
'हुक्मरानों, हम तुम्हारी मौत हैं', PoK में मुनीर की सेना के जुल्म के बाद आजादी की मांग तेज
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पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. प्रदर्शनकारियों की 38 मांगों को पूरा न करने और सेना के अत्याचारों के खिलाफ यह आंदोलन तेज हो गया है. पीओके के नेता और लोग आजादी की मांग कर रहे हैं.
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क गए हैं, जिसमें हजारों लोग प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. मुजफ्फाराबाद, रावलकोट, नीलम घाटी, कोटली और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शन हो रहे हैं जहां भीड़ सरकार की नीतियों और सुरक्षाबलों के दमन के खिलाफ अपना गुस्सा जता रही है.
बुधवार को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम 12 नागरिक प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. पीओके इस समय हाल के सालों के सबसे बड़े अशांति के दौर से गुजर रहा है. यह विरोध प्रदर्शन सरकार की 38 अहम मांगों को पूरा करने में नाकामी से शुरू हुआ था, लेकिन अब यह सेना के अत्याचारों के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है.
आंदोलन के तीसरे दिन आसिम मुनीर की सेना ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फराबाद में पांच, धीरकोट में पांच और दादयाल में दो प्रदर्शनकारियों की गोली लगने से मौत हो गई. वहीं कम से कम तीन पुलिसकर्मियों की भी जान चली गई है.
जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (AAC) की अगुवाई में हो रहे इन प्रदर्शनों से पीओके पूरी तरह ठप हो चुका है. आंदोलनकारी पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए पीओके विधानसभा में आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा वो टैक्स में राहत, आटे और बिजली पर सब्सिडी और अधूरे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की भी मांग कर रहे हैं.
प्रदर्शन के दौरान लोग शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि क्रांति होगी और कश्मीर आजाद होगा. प्रदर्शनकारी जो नारे लगा रहे हैं उनमें प्रमुख हैं-
नारा-ए-कश्मीर

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