
हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियल लेक दे रहे टेंशन, पड़ोसी चीन की सीमा से भी बढ़ रहा है बाढ़ का खतरा
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केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि अब भारतीय क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों के बढ़ने से बहुत बड़ा खतरा बढ़ रहा है. भारत के केंद्रीय जल आयोग ने सितंबर 2024 की अपनी रिपोर्ट जारी की, जिसमें इस बढ़ते खतरे का विश्लेषण किया गया है, जिसका मुख्य कारण ग्लोबल वार्मिंग है.
हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों के फटने से बाढ़ (GLOF) का खतरा बढ़ रहा है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियल पिघल रहे हैं और झीलों का विस्तार हो रहा है. ग्लेशियल झील के फटने से आने वाली बाढ़ को ही ग्लेशियल झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) कहते हैं. यह एक विनाशकारी बाढ़ होती है जिसमें लोगों, जानवरों, और इमारतों को भारी नुकसान हो सकता है.
भारत के केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने सितंबर 2024 की अपनी रिपोर्ट जारी की, जिसमें इस बढ़ते खतरे का विश्लेषण किया गया है, जिसका मुख्य कारण ग्लोबल वार्मिंग है. उनके निष्कर्षों के अनुसार, हिमालय में 10 से 50 हेक्टेयर के बीच फैली ग्लेशियल झीलें और जल निकाय 2011 से 11% तक बढ़ गए हैं.
चीनी झीलें कैसे बड़ी हो रही हैं?
यह खतरनाक प्रवृत्ति केवल भारत तक ही सीमित नहीं है; बड़ी चिंताजनक प्रवृत्ति पड़ोसी चीन से आ रही है. चिंता इस बात की है कि हमारे सबसे बड़े पड़ोस में बड़ी झीलें बन रही हैं, जो भारतीय झीलों की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही हैं. चीन में, 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाली दो झीलों और 14 जल निकायों में 40% से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे सीमा पार खतरा पैदा हो गया है. इस तरह के विस्तार से विनाशकारी GLOF की संभावना बढ़ जाती है. इससे विनाशकारी बाढ़ आ सकती है और आम जन- जीवन और बुनियादी ढांचे पर खासा असर पड़ सकता है.
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CWC की नजर 2 हज़ार से ज़्यादा ग्लेशियल झीलों पर

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