
हिटमैन समझकर जिसे दी 1 लाख डॉलर की सुपारी, वह निकला अमेरिकी एजेंट, जानिए पन्नू केस में कैसे दोषी साबित हुआ निखिल गुप्ता
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न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी नेता की हत्या की कथित साजिश मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में दोष स्वीकार कर लिया है. DEA की अंडरकवर कार्रवाई से साजिश नाकाम हुई. हत्या के लिए 1 लाख डॉलर तय हुए थे. 29 मई 2026 को सजा सुनाई जाएगी.
अमेरिका के न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी नेता की हत्या की कथित साजिश मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने संघीय अदालत में दोष स्वीकार कर लिया है. अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक 54 वर्षीय गुप्ता ने ‘मर्डर-फॉर-हायर’, हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश जैसे गंभीर आरोपों में खुद को दोषी माना है. गुप्ता को अब 29 मई 2026 को सजा सुनाई जाएगी.
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2023 में गुप्ता ने कथित तौर पर विदेशी खुफिया एजेंसी से जुड़े एक कर्मचारी विकास यादव के निर्देश पर न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक व सिख अलगाववादी विचारों के समर्थक वकील (गुरपतवंत सिंह पन्नू) की हत्या की योजना बनाई.
अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि गुप्ता ने एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जिसे वह अपराधी सहयोगी समझ रहा था, लेकिन वह अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन एजेंसी Drug Enforcement Administration (DEA) का गोपनीय स्रोत निकला. जिस ‘हिटमैन’ को हत्या के लिए नियुक्त किया जाना था, वह दरअसल DEA का अंडरकवर अधिकारी था.
खुफिया एजेंट को सहयोगी समझ बैठा था गुप्ता
अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक, निखिल गुप्ता ने एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जिसे वह अपना आपराधिक सहयोगी समझ रहा था, लेकिन वह व्यक्ति असल में अमेरिकी जांच एजेंसी (DEA) का मुखबिर था. इस मुखबिर ने गुप्ता को एक कथित 'हिटमैन' से मिलवाया, जो असल में अंडरकवर DEA एजेंट था.
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