
'हिंदू चाहें तो बना सकते हैं अमेरिका का अगला राष्ट्रपति', किसने दिया बयान?
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अमेरिका सत्ता का केंद्र माने जाने वाला कैपिटल हिल में बुधवार को पहली बार हिंदू-अमेरिकी शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया. हिंदू-अमेरिकी समुदाय को समर्थन देने के लिए कई अमेरिकी सांसदों ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया.
अमेरिका के कैपिटल हिल में आयोजित पहले हिंदू-अमेरिकी शिखर सम्मेलन को समर्थन देने पहुंचे रिपब्लिकन सांसद मैककॉर्मिक ने कहा कि अमेरिका के विकास में इस समुदाय का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने कहा कि इस समुदाय के पास इतनी शक्ति है कि वे तय कर सकते हैं कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होगा.
बुधवार को संपन्न हुए इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका के कई सांसदों और राजनीतिक वकालत समूहों ने शामिल होकर समर्थन दिया. शिखर सम्मेलन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारों से हुई.
Americans4Hindus द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन में देश भर से हिंदू समुदाय के नेताओं ने भाग लिया. वहीं, 20 अन्य संगठनों ने भी इस सम्मेलन का समर्थन किया था. Americans4Hindus के चेयरपर्सन और हिंदू- अमेरिकी शिखर सम्मेलन के मुख्य आयोजक रोमेस जापरा (Romesh Japra) का कहना है, " हमारे हिंदू मूल्य पूरी तरह से अमेरिकी संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप हैं. अमेरिकी नागरिक भी गीता का पाठ करते हैं. इसलिए हम हिंदू-अमेरिकियों को आवाज देने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
जापरा ने एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, "यह अब तक का पहला शिखर सम्मेलन है जिसे हम राजनीतिक जुड़ाव के लिए आयोजित कर रहे हैं. हमने हर क्षेत्र में काफी अच्छा काम किया है. लेकिन राजनीतिक रूप से हम काफी पीछे हैं. हमें लगता है कि हिंदू-अमेरिकियों के साथ भेदभाव किया जाता है. इसलिए हमने सोचा कि सभी संगठनों को एक साथ लाना एक अच्छा विचार है."
हिंदू-अमेरिकी समुदाय के पास अमेरिका का राष्ट्रपति तय करने की शक्तिः मैककॉर्मिक
सम्मेलन में शामिल हुए रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने कहा, " इस प्रवासी आबादी के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है. इन्होंने अमेरिका में बहुत कुछ जोड़ा है. सब कुछ बेहतरीन. मैं इस बात को बार-बार कहता हूं कि यह समुदाय अगर जागरुक हो जाता है और उन्हें ये एहसास हो जाता है कि उनके पास कितनी ताकत है तो वह अमेरिका का अगला राष्ट्रपति तय कर सकते हैं.

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