
हिंदी राष्ट्रभाषा है या नहीं? जानिए राष्ट्रभाषा-राजभाषा और मातृभाषा में क्या है अंतर
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Is Hindi our National Language: भारत जैसे विशाल और विविधताओं से भरे देश में एक राष्ट्रभाषा होना मुश्किल है. यहां हजारों भाषाएं और बोलियां लिखीं, पढ़ीं और बोलीं जाती हैं. ऐसे में राष्ट्रभाषा के मामले पर हमारा संविधान क्या कहता है, आइये जानते हैं.
Is Hindi our National Language: सोशल मीडिया आजकल देशवासियों का पसंदीदा जंग का मैदान बना हुआ है. साउथ फिल्मों के एक्टर किच्चा सुदीप ने हिंदी को देश की राष्ट्रभाषा न होने की बात कही तो बॉलिवुड के हीरो अजय देवगन ने ट्विटर पर ही उनकी क्लास लगा दी. हालांकि, दोनो सितारों के बीच कोई भी विवाद बढ़ने से पहले ही आपस में सुलह हो गई मगर सोशल मीडिया पर यह डिबेट शुरू हो गई कि क्या हिंदी हिंदुस्तान की राष्ट्रभाषा है या नहीं? इसे लेकर देश का संविधान क्या कहता है और किस भाषा को राष्ट्रभाषा होने की आधिकारिक मान्यता है? आइये जानते हैं क्या है देश की आधिकारिक राष्ट्रभाषा.
हिंदी नहीं है राष्ट्रभाषा भारत एक विविधताओं का देश है और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है. यहां अनेक भाषाएं और बोलियां बोली, लिखी और पढ़ी जाती हैं. ऐसे में किसी भी एक भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया है. भारत की एक बड़ी आबादी हिंदी भाषी है मगर बड़ी संख्या में लोग हिंदी न बोलते हैं न समझते हैं. न ही सभी को एक राष्ट्रभाषा सीखने और बोलने की कोई बाध्यता है.
फिर 14 सितंबर को क्यों होता है हिंदी दिवस? अपनी विभिन्नताओं के चलते भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं है मगर सरकारी दफ्तरों में कामकाज के लिए एक भाषाई आधार बनाने के लिए हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया है. संविधान के भाग 17 में इससे संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान भी किए गए हैं.
हिंदी कब बनी राजभाषा? हिंदी को राजभाषा का दर्जा 14 सितंबर 1949 को मिला. इसके बाद 1953 से राजभाषा प्रचार समिति द्वारा हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस का आयोजन किया जाने लगा.
राजभाषा पर क्या कहता है देश का संविधान? भारत के संविधान के भाग 17 के अनुच्छेद 343(1) में कहा गया है कि राष्ट्र की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागिरी होगी.
किसे कहते हैं मातृभाषा? मातृभाषा वह भाषा है जो हम जन्म के साथ सीखते हैं. जहां हम पैदा होते है, वहां बोली जाने वाली भाषा खुद ही सीख जाते हैं. आसान भाषा में समझें तो जो भाषा हम जन्म के बाद सबसे पहले सीखते हैं, उसे ही अपनी मातृभाषा मानते हैं.

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