
'हरिद्वार में नहाने से ब्लड कैंसर ठीक हो जाएगा...', अंधविश्वास की भेंट चढ़ा 5 साल का मासूम, मां पर लगा डुबाकर मारने का आरोप
AajTak
हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र में आज दोपहर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. एक परिवार अपने 5 साल के बच्चे को लेकर हर की पौड़ी पहुंचा. जहां बच्चे की मृत्यु हो गई और बच्चे को हर की पैड़ी पर गंगा में डुबाकर हत्या करने के आरोप लगाए गए. इसको लेकर हंगामा हो गया. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मृत बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंच गई. वहां डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.
हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक सनसनीखेज मामला सामने आया. दिल्ली का एक परिवार अपने 5 साल के बच्चे को लेकर हर की पौड़ी पहुंचा, जहां बच्चे की मौत हो गई. वहां मौजूद लोगों ने बच्चे को हर की पौड़ी पर गंगा में डुबाकर मारने का आरोप मां पर लगाया. मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस बच्चे को जिला अस्पताल ले गई. वहां, डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है. एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि पति-पत्नी अपने बेटे को लेकर आए थे. उनके साथ उनकी एक रिलेटिव भी थी. प्रथम दृष्टया पता चला है कि बेटे को ब्लड कैंसर हो गया था. बच्चे के माता-पिता ने पूछने पर बताया कि सर गंगाराम हॉस्पिटल में बेटे को दिखाया था. डॉक्टरों ने उसको जवाब दे दिया था.
देखिए क्या बोला ड्राइवर...
ड्राइवर ने बताया टैक्सी में क्या-क्या हुई थी बात
ड्राइवर कुलदीप कुमार ने बताया कि वह सुबह करीब नौ बजे परिवार को दिल्ली से अपनी टैक्सी में लेकर हरिद्वार पहुंचा था. ड्राइवर का कहना है कि जब परिजन बालक को लेकर उसकी गाड़ी में बैठे थे, तभी से बालक बीमार दिखाई दे रहा था. उसे कंबल में लपेटा हुआ था. हरिद्वार तक उसकी तबीयत ज्यादा खराब होती दिखाई पड़ रही थी. उसके अनुसार, परिजन बालक की तबीयत ज्यादा खराब होने और गंगा स्नान कराने की और मेडिकल ट्रीटमेंट की बात टैक्सी में कर रहे थे.
यह भी पढ़ें- प्राण-प्रतिष्ठा के दिन उत्तराखंड में 262 बच्चों का हुआ जन्म, नाम रखे गए राम, राघव और...

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








