
'हराम नहीं केक...', मुस्लिम देश ने पलटा हलाल नियम! गैर- इस्लामिक त्योहारों के लिए की ये बड़ी घोषणा
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मुस्लिम बहुल देश मलेशिया में केक जैसे बेकरी सामानों पर गैर-इस्लामिक त्योहारों की शुभकामनाएं लिखवाना प्रतिबंधित था. बेकरियों से कहा गया था कि अगर वो इस नियम को तोड़ती हैं तो उनका हलाल सर्टिफिकेट रद्द कर दिया जाएगा. लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया गया है.
इस्लामिक देश मलेशिया में गैर-इस्लामिक त्योहारों को लेकर एक बड़ा फैसला पलट दिया गया है. मलेशिया में पहले लोग केक या किसी दूसरे बेकरी सामानों पर गैर-मुस्लिम त्योंहारों की शुभकामनाएं नहीं लिखवा सकते थे. बेकरी इस तरह के केक को अपनी दुकानों में प्रदर्शन के लिए भी नहीं रख सकते थे. लेकिन अब मलेशिया का कहना है कि इस्लाम में यह 'हराम' नहीं है इसलिए गैर-इस्लामिक त्योहारों के मौके पर लोग केक पर शुभकामनाएं लिखवा सकेंगे.
मलेशिया ने 2020 में एक निर्देश जारी किया था जिसके मुताबिक, हलाल प्रमाणपत्र वाली बेकरियां गैर-इस्लामिक त्योहारों की शुभकामनाएं केक या किसी भी बेकरी सामान पर लिखकर नहीं बेच सकती थीं.
मलेशिया के इस्लामी विकास विभाग (जाकिम) ने इस नियम को पलट दिया है. जाकिम ने सोमवार को कहा कि हलाल सर्टिफिकेट वाले बेकरी आउटलेट्स पर अब केक या इसी तरह के किसी बेकरी के सामान पर किसी गैर इस्लामिक त्योहार की शुभकामनाएं लिखने पर कोई प्रतिबंध नहीं है.
पिछला नियम अब लागू नहीं होगा
जाकिम हलाल मेनेजमेंट डिवीजन के कॉर्पोरेट संचार विभाग ने एक बयान में कहा, 'जाकिम मलेशिया के हलाल सर्टिफिकेट प्रक्रिया से संबंधित मामलों की समीक्षा और उनका पुनर्मूल्यांकन करता रहेगा. इस स्पष्टीकरण के साथ जाकिम का 2020 का पिछला नियम अब लागू नहीं होगा.'
दिसंबर 2020 में, जाकिम के पूर्व उप महानिदेशक अब्दुल अजीज जुसोह ने कहा था कि हलाल-प्रमाणित दुकानें केवन उन केक या बेकरी सामानों पर त्योहार की शुभकामनाएं दे सकती हैं जो सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे.

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