
'हम माफ नहीं करेंगे...', पुतिन विरोधी नारों के बीच एलेक्सी नवलनी का अंतिम संस्कार
AajTak
पुतिन के कट्टर विरोधी एलेक्सी नवलनी 16 फरवरी को रूस की जेल में मृत पाए गए थे. उन्हें चरमपंथ और धोखाधड़ी से संबंधित आरोपों में जेल की सजा सुनाई गई थी. उन्हें आर्कटिक सर्कल में काफी अधिक सुरक्षा घेरे में रखा गया था. वह जनवरी 2021 से जेल में थे और 19 साल की सजा काट रहे थे.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर विरोधी एलेक्सी नवलनी (Alexei Navalny) की संदिग्ध परिस्थितियों में जेल के भीतर हुई मौत विवादों में है. इस बीच शुक्रवार को मॉस्को में नवलनी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया. इस दौरान उमड़ी भीड़ ने नवलनी के समर्थन में नारे लगाते हुए उसकी मौत पर सवाल खड़े किए.
नवलनी को जिस जगह दफनाया गया है, उसके बाहर उनके समर्थकों का जमावड़ा देखने को मिला. इस दौरान कई लोगों ने रूस सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की. इस दौरान भारी संख्या में पुलिसबल तैनात था.
मॉस्को के एक चर्च में नवलनी के शव को सबसे पहले एक खुले कैस्कट में रखा गया था. लेकिन बाद में इस ताबूत को बंद कर दिया. इसके बाद ताबूत को बोरिसोवो कब्रगाह ले जाया गया, जहा उनकी कब्र पर फूल और मालाएं चढ़ाई गईं. उनके कुछ गमगीन समर्थकों ने कहा कि हम तुम्हें कभी नहीं भूलेंगे. हमें माफ कर देना.
कई लोगों ने नवलनी की मौत के लिए पुतिन को जिम्मेदार ठहराते हुए अब युद्ध नहीं और हम माफ नहीं करेंगे के नारे लगाए.
ये भी पढ़ें: आर्कटिक की वो जेल, जहां मौत से पहले रखे गए थे रूसी नेता एलेक्सी नवलनी, बेहद भयावह रहता है माहौल
नवलनी की पत्नी के आरोप

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.






