
'हम पर कुछ थोपने की कोशिश न करें...', पीस समिट में नहीं बुलाए जाने पर भड़के पुतिन
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बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के साथ बैठक में पुतिन ने कहा कि हमें वहां आमंत्रित नहीं किया गया है. उनका मानना है कि हमारा वहां कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन साथ ही वो ये भी कहते हैं कि हमारे बिना कुछ भी तय करना नामुमकीन है. और चूंकि हम वहां नहीं जा रहे हैं, इसलिए ये पूरी तरह से सर्कस है.
रूस और यूक्रेन में जारी जंग के बीच स्विट्जरलैंड में एक अहम कॉन्फ्रेंस होने जा रही है. इस कॉन्फ्रेंस में रूस को इनवाइट नहीं किया गया है. इसे लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रतिक्रिया दी है.
स्विट्जरलैंड में इस साल जून में 'यूक्रेन पीस समिट' होने जा रही है. इसे लेकर पुतिन ने कहा कि रूस को इस कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित नहीं किया गया है.
बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के साथ बैठक में पुतिन ने कहा, 'हमें वहां आमंत्रित नहीं किया गया है. उनका मानना है कि हमारा वहां कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन साथ ही वो ये भी कहते हैं कि हमारे बिना कुछ भी तय करना नामुमकिन है. और चूंकि हम वहां नहीं जा रहे हैं, इसलिए ये पूरी तरह से सर्कस है.'
उन्होंने कहा, 'मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हम भी शांति चाहते हैं, लेकिन हम पर ऐसी कोई योजना थोपने की कोशिश न करें, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है.'
स्विट्जरलैंड की सरकार ने 10 अप्रैल को बताया था कि यूक्रेन में शांति हासिल करने के मकसद से जून में दो दिन की समिट आयोजित की जाएगी. हालांकि, रूस ने साफ कर दिया है कि वो इस समिट में हिस्सा नहीं लेगा. पुतिन का कहना है कि वे चाहते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच बेलारूस मध्यस्थ की भूमिका एक बार फिर निभाए.
इससे पहले क्रेमलिन (रूस का राष्ट्रपति कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि रूस के बिना यूक्रेन पर कोई भी बातचीत का मतलब नहीं है.

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