
हमास ने दागे थे 130 रॉकेट, जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने कर दिया 30 आतंकियों का सफाया
AajTak
इजरायल की माने तो हमास की तरफ से लगातार भड़काने वाली कार्रवाई की जा रही है. रॉकटे हमले के जरिए मासूमों को शिकार बनाया जा रहा है और रिहायशी इलाकों में लोगों को मारने पर जोर दिया जा रहा है.
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है. हालात इतने खराब हैं कि अब जंग के आसर दिखने लगे हैं. दोनों तरफ से रॉकेट दागे जा रहे हैं, कई लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है और लगातार आरोप-प्रत्यारोप का खेल चल रहा है. इस बीच इजरायल की तरफ से सबसे ज्यादा निशाना आतंकी संगठन हमास पर साधा जा रहा है. ये वही संगठन है जिसने मंगलवार को इजरायल पर 130 रॉकेट दाग दिए थे. अब बिगड़ती परिस्थिति के बीच इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक प्रेस वार्ता कर वर्तमान स्थिति पर विस्तार से बात की है. हमास की कार्रवाई पर इजरायल की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.

अमेरिका ने ईरान पर हमले की चेतावनी के बाद अपने कदम फिलहाल वापस ले लिए हैं. हाल तक अमेरिका ईरान की हवाई और समुद्री घेराबंदी कर रहा था, लेकिन अब उसने मामले को डिप्लोमेसी के माध्यम से सुलझाने का अंतिम मौका दिया है. ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला किया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आर्मी को हमले के लिए तैयार रहने का आदेश दिया था.








