
'हमास को आतंकी संगठन घोषित करे भारत', जंग के बीच बोले इजरायल के राजदूत
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नाओर गिलोन ने कहा कि मेरा मानना है कि अधिकांश लोकतंत्र, यूरोपीय संघ, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया पहले ही ऐसा कर चुके हैं और मुझे लगता है कि यह सही फैसला भी है. उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हमास पर दबाव डालना चाहिए कि वह युद्ध के दौरान बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करे.
हमास-इजरायल जंग में कई देशों की एंट्री हो चुकी है. अमेरिका और ब्रिटेन जहां इजरायल का खुले तौर पर समर्थन कर चुके हैं और कह चुके हैं कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है, वहीं ईरान औऱ तुर्की हमास के पक्ष में खड़े दिख रहे हैं. तुर्की ने तो यहां तक कह दिया कि हमास आतंकी संगठन नहीं, बल्कि एक मुक्ति समूह है जो अपनी ज़मीन की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ रहा है. वहीं, भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा कि मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि भारत में भी हमास को आधिकारिक तौर पर एक आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित कर दिया जाए.
नाओर गिलोन ने कहा कि मेरा मानना है कि अधिकांश लोकतंत्र, यूरोपीय संघ, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया पहले ही ऐसा कर चुके हैं और मुझे लगता है कि यह सही फैसला भी है. उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को हमास पर दबाव डालना चाहिए कि वह युद्ध के दौरान बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करे.
इजराइल के राजदूत ने कहा कि पीएम मोदी स्पष्ट बयान देने वाले दुनिया के पहले नेताओं में से एक हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आतंकवाद की कड़ी निंदा करने के लिए मजबूती से आवाज उठाई है. यह हमारे लिए महत्वपूर्ण और सराहनाभरा कदम है. भारत हमारा बहुत करीबी सहयोगी है. भारत दुनियाभर में अहम स्थान रखता है. जब आतंक की बात आती है, तो भारत इसका दर्द समझता है. क्योंकि वह कई साल से आतंक का दंश झेल रहा है.
बता दें कि आज तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने हमास आतंकवादी संगठन नहीं, बल्कि एक मुक्ति समूह है जो अपनी ज़मीन की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ रहा है. एर्दोगन ने कहा कि हमास देशभक्त संगठन है. जो अपने क्षेत्रों और लोगों की रक्षा करता है. देश की संसद में अपनी पार्टी के सांसदों को संबोधित करते एर्दोगन ने कहा कि वे योद्धा (मुजाहिद) हैं, हम इज़राइल के ऋणी नहीं हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैं इज़राइल नहीं जाऊंगा.

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