
हमास का टॉप लीडर इजरायली एयरस्ट्राइक में ढेर, IDF का दावा- 7 अक्टूबर के हमले का मास्टरमाइंड था अल-इस्सा
AajTak
आईडीएफ ने दावा किया कि इजरायल की सेना ने 7 अक्टूबर के हमले के मास्टरमाइंड और हमास के संस्थापक सैन्य लीडर को “खत्म” कर दिया है. इजरायल रक्षा बलों के मुताबिक, हाखम मुहम्मद इस्सा अल-इस्सा को गाजा शहर में एयर स्ट्राइक के दौरान ढेर किया गया.
इज़रायली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया है कि उसने गाजा सिटी के सबरा इलाके में एक टारगेटेड एयरस्ट्राइक के जरिए हमास के शीर्ष सैन्य लीडर हाकम मोहम्मद इस्सा अल-इस्सा को मार गिराया है. अल-इस्सा को 7 अक्टूबर 2023 के नरसंहार का मास्टरमाइंड और हमास के सैन्य विंग के संस्थापक सदस्यों में से एक बताया गया है.
आईडीएफ ने अपने बयान में कहा, "अल-इस्सा हमास की सैन्य ताकत बढ़ाने, प्रशिक्षण देने और 7 अक्टूबर के हमले की योजना बनाने में मुख्य भूमिका निभा रहा था. वह हमास की वायु और नौसेना हमलों की योजनाओं में भी अहम भूमिका निभा चुका था."
कौन था अल-इस्सा?
IDF और इज़रायली सुरक्षा एजेंसी (ISA) ने यह भी कहा कि वे 7 अक्टूबर के हमले में शामिल सभी आतंकियों को ढूंढकर खत्म करने के अभियान को आगे भी जारी रखेंगे. आईडीएफ के अनुसार, अल-इस्सा हमास के जनरल सिक्योरिटी काउंसिल का सदस्य, ट्रेनिंग हेडक्वार्टर का प्रमुख और अल-क़सम ब्रिगेड्स की मिलिट्री एकेडमी का सह-संस्थापक भी था, जहां वह कथित तौर पर हजारों आतंकियों को प्रशिक्षण देने और तकनीकी क्षमता विकसित करने में लगा हुआ था.
IDF ने यह भी कहा है कि अल-इस्सा ने सीरिया और इराक में युद्ध की ट्रेनिंग ली थी और वर्ष 2005 में सीरिया से गाजा आया था, जहां वह हमास के सैन्य संगठन का अहम हिस्सा बन गया.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?










