
'हमारे तेल के पीछे पड़ा है अमेरिका, देश को बांटने की कोशिश...', ईरानी अधिकारी इस्माइल बघाई का दावा
AajTak
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दावा किया है कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को कमजोर कर उसे विभाजित करना और उसके तेल संसाधनों पर कब्जा करना है. उन्होंने कहा कि जब तक ईरान पर सैन्य हमले जारी रहेंगे, तब तक युद्धविराम की कोई गुंजाइश नहीं है.
अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने दोनों देशों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'वाशिंगटन की योजना बिल्कुल साफ है. उनका उद्देश्य ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करना, देश को विभाजित करना और उसके विशाल तेल भंडार पर अवैध कब्जा करना है.' उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले करके सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों और कूटनीतिक परंपराओं को तोड़ दिया है.
इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ऐसे समय हमले किए गए जब ईरान कूटनीतिक बातचीत में शामिल था. उन्होंने आरोप लगाया कि इन सैन्य कार्रवाइयों ने चल रही वार्ताओं को पूरी तरह पटरी से उतार दिया. बघाई ने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया, बल्कि उस पर जबरन सैन्य आक्रमण थोपा गया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई को अब 11 दिन हो चुके हैं और इस दौरान ईरान की प्राथमिकता केवल अपनी रक्षा करना है.
इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि जब तक सैन्य हमले जारी रहेंगे, तब तक किसी भी तरह के युद्धविराम या बातचीत की गुंजाइश नहीं है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ईरानी जनता अपने देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और देश का भविष्य ईरान की जनता की इच्छाशक्ति से तय होगा. उन्होंने कहा कि ईरान एकजुट होकर अपने दुश्मनों का सामना करेगा और अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा.
यह भी पढ़ें: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को पुतिन ने दी बधाई, कहा- हमारा पूरा सपोर्ट रहेगा
मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर
इस बीच, देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है. इस्लामी क्रांति के नए नेता के रूप में अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई के चयन के बाद ईरान के खुफिया मंत्रालय ने उनके प्रति निष्ठा की शपथ ली है. ईरानी संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने यह फैसला लिया. इस संस्था के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से आयतुल्ला सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का तीसरा सर्वोच्च नेता नियुक्त किया है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








