
'हमारी सबसे अच्छी आखिरी उम्मीद', COP26 के अध्यक्ष आलोक शर्मा ने किया क्लाइमेट समिट का उद्घाटन
AajTak
COP 26 शिखर सम्मेलन पेरिस समझौते को लागू करने पर सहमत होने की हमारी आखिरी सबसे अच्छी उम्मीद है, जो वैश्विक तापमान में वृद्धि को सीमित करता है. यह बातें शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष आलोक शर्मा ने रविवार को ग्लासगो में औपचारिक रूप से जलवायु सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहीं.
COP 26 शिखर सम्मेलन पेरिस समझौते को लागू करने पर सहमत होने की हमारी आखिरी सबसे अच्छी उम्मीद है, जो वैश्विक तापमान में वृद्धि को सीमित करता है. यह बातें शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष आलोक शर्मा ने रविवार को ग्लासगो में औपचारिक रूप से जलवायु सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहीं.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









