
'हमारी संसद में बंद कर दिए जाते हैं विपक्षी नेताओं के माइक', लंदन में ब्रिटिश सांसदों से बोले राहुल गांधी
AajTak
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लंदन स्थित हाउस ऑफ पार्लियामेंट में 'भारत जोड़ो यात्रा' के अनुभव भी शेयर किए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी संसद में विपक्षी नेताओं के माइक्रोफोन बंद कर दिए जाते हैं. वायनाड से 52 वर्षीय सांसद ने कहा कि भारत में विपक्ष का दमन किया जा रहा रहा है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों ब्रिटेन के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने लंदन स्थित हाउस ऑफ पार्लियामेंट के परिसर में ब्रिटिश सांसदों से कहा कि भारत में संसद में विपक्षी नेताओं के माइक्रोफोन बंद कर दिए जाते हैं. हाउस ऑफ कॉमन्स के ग्रैंड कमेटी रूम में विपक्षी लेबर पार्टी के भारतीय मूल के सांसद वीरेंद्र शर्मा द्वारा आयोजित एक समारोह के दौरान राहुल गांधी ने 'भारत जोड़ो यात्रा' के अनुभव भी शेयर किए.
इस दौरान राहुल गांधी ने माइक्रोफोन का इस्तेमाल किया, लेकिन वह खराब था. तभी उन्होंने कहा कि हमारे माइक खराब नहीं हैं, वे काम कर रहे हैं, लेकिन फिर भी आप उन्हें चालू नहीं कर सकते. क्योंकि मैं जब संसद में अपनी बात रखता हूं तो वहां ऐसा कई बार हुआ है. वायनाड से 52 वर्षीय सांसद ने कहा कि भारत में विपक्ष का दमन किया जा रहा रहा है.
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि हमारे यहां नोटबंदी हुई, जो एक विनाशकारी वित्तीय निर्णय था. हमें इस मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति नहीं थी. उन्होंने GST का जिक्र करते हुए कहा कि हमें इस पर भी चर्चा करने की अनुमति नहीं थी. साथ ही कहा कि चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के मामले में चर्चा करने की भी हमें अनुमति नहीं थी. राहुल ने कहा कि ऐसे हाल में एक घुटन महसूस हो रही है.
राहुल बोले- अगर भारत में लोकतंत्र कमजोर होता है तो...
समारोह में राहुल गांधी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र एक वैश्विक सार्वजनिक अच्छाई है. भारत काफी बड़ा है, अगर भारत में लोकतंत्र को कमजोर किया जाता है, तो यह पूरे प्लेनेट पर कमजोर हो जाता है. भारत का लोकतंत्र अमेरिका और यूरोप के आकार का तीन गुना है और अगर यह लोकतंत्र टूट जाता है, तो यह पूरे प्लेनेट (ग्रह) पर लोकतंत्र के लिए एक बड़ा झटका है.
अनुराग ठाकुर ने साधा राहुल पर निशाना

ईरान की राजधानी तेहरान में होने वाले विरोध प्रदर्शनों ने हालात को काफी गंभीर बना दिया है. जनता और सत्ता पक्ष के बीच भारी तनाव है जबकि अमेरिका भी लगातार दबाव बढ़ा रहा है. ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर तगड़ा हमला किया है. वहीं, अरब सागर की ओर अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के बढ़ते सैन्य दबाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि चीन ने ईरान को अब तक का सबसे बड़ा मिलिट्री एयरलिफ्ट भेजा है. 56 घंटों के भीतर चीन के 16 Y-20 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान ईरान पहुंचे. इसके अलावा HQ-9B एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली मिलने की भी चर्चा है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम मानी जाती है. ऐसे में क्या क्या खुलकर ईरान के समर्थन में उतर गया बीजिंग?

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले पाकिस्तान पर दबाव और विरोध का स्तर बढ़ गया है. पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए, जिनमें पाकिस्तानी सेना और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगे. वे आरोप लगाते हैं कि सेना जबरन गायब करने, फर्जी मुठभेड़ों में हत्याओं और खनिज संसाधनों की लूट में शामिल है.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.








