
हमले से डरे चीनी, पाकिस्तान छोड़कर भागे कई नागरिक
AajTak
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि चीन, पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) को नुकसान पहुंचाने के किसी भी तरह के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा. पिछले महीने कराची में आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें तीन चीनी नागरिकों की मौत हो गई थी.
पाकिस्तान की कराची यूनिवर्सिटी में पिछले महीने हुए आत्मघाती बम हमले के बाद से देश में रह रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा चर्चा में है.
इस हमले में यूनिवर्सिटी के तीन चीनी शिक्षकों की मौत हो गई थी.
चीन सरकार ने पाकिस्तान में रह रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा को वरीयता देते हुए वहां से अपने सभी शिक्षकों को वापस बुलाने का फरमान जारी किया था, जिसके बाद से चीनी नागरिकों के देश लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है.
रिपोर्टों के मुताबिक, कराची यूनिवर्सिटी में हुए हमले के बाद से बड़ी संख्या में पाकिस्तान में चीन, पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं के लिए काम कर रहे चीनी के वर्कर्स देश लौट रहे हैं.
कराची यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में मंदारिन भाषा पढ़ा रहे चीनी नागरिकों ने चीन सरकार के बुलावे पर देश लौटना शुरू कर दिया है.
चीनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्तान सिर्फ प्रमुख परियोजनाओं की ही सुरक्षा को तरजीह दे रहा है जबकि कराची यूनिवर्सिटी जैसे छोटे संस्थानों में काम कर रहे चीनी नागरिक सॉफ्ट टारगेट हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वे ईरान से बातचीत कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट की उसके साथ संयुक्त निगरानी करेंगे. एक महीने से ईरान पर कहर बरपा रहे ट्रंप पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है. दुनियाभर के मीडिया आउटलेट्स ये कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप की तैयारी होर्मुज स्ट्रेट पर बड़े हमले की है. जहां ईरान ने नाकाबंदी की हुई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर नया बयान देकर दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है और वो समझौता करेंगे. साथ ही उन्होनें ये भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को एक तोहफा दिया जो बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण है. ट्रंप ने आगे ये बाताया कि ये तोहपा तेल और गैस से जुड़ा है.

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5 दिनों के युद्ध विराम के दावे की धज्जियां उड़ा दी है. रेजाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ जंग थमेगी नहीं बल्कि और तेज होगी साथ ही उन्होनें चेतावनी दी कि अगर ईरान के इंफ्स्ट्रराक्चर को अगर छुआ भी गया तो अमेरिका को गहरी चोट मिलेगी.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं.इधर इराक बगदाद में विक्टोरिया हवाई अड्डे पर हुए हमले का वीडियो सामने आया है. जानकारी के मुताबिक इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस ने विक्टोरिया बेस को निशाना बनाकर हमला किया. यहां पर अमेरिकी सेना तैनात है.









