
हताश और निराश विराट कोहली... एडिलेड में भी नहीं खुला खाता, करियर में पहली बार हुआ ऐसा
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विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट में कमबैक के बाद से एक भी रन नहीं बना पाए हैं. लगातार दो मैचों में वो अपना खाता तक नहीं खोल पाए. कोहली से ऐसे प्रदर्शन की फैन्स को कतई उम्मीद नहीं थी.
भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अक्टूबर (गुरुवार) को एडिलेड ओवल में खेलने उतरी. इस मुकाबले में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली से धमाकेदार बल्लेबाजी की उम्मीद थी. लेकिन किंग कोहली उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके. कोहली इस मैच में भी खाता नहीं खोल पाए. कोहली को तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट ने एलबीडब्ल्यू आउट किया.
विराट कोहली भारतीय पारी के सातवें ओवर में आउट हुए. उस ओवर में बार्टलेट की पांचवीं गेंद अंदर की ओर स्विंग होकर आई. कोहली क्रीज में फंस गए और गेंद बल्ले का संपर्क होने से पहले ही पैड पर जा लगी थी. कोहली पूरी तरह से गेंद को जज नहीं कर पाए. बॉल ट्रैकर ने दिखाया कि गेंद सीधे मिडिल स्टम्प पर टकरा रही थी.
अंपायर सैम नोगाज्स्की ने बिना किसी झिझक के उंगली उठा दी. कोहली ने रिव्यू नहीं लिया क्योंकि वह आउट साफ आउट थे. एडिलेड ओवल पर सन्नाटा छा गया और दर्शक अवाक रह गए. कोहली ने सिर झुकाकर और ग्लव्स उठाकर दर्शकों का अभिवादन किया. फिर शांत कदमों से पवेलियन लौट गए.
कोहली के करियर में पहली बार हुआ ऐसा
विराट कोहली लगातार दूसरे मैच में शून्य पर आउट हुए हैं. इससे पहले पर्थ वनडे में भी उनका खाता नहीं खुला था. तब कोहली को मिचेल स्टार्क ने ऑफ-स्टम्प से बाहर की गेंद पर फंसाया था. कोहली के अंतरराष्ट्रीय करियर में ऐसा पहली बार हुआ है, जब वो लगातार दो इनिंग्स में शून्य पर चलते बने हैं.
विराट कोहली का ये आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा माना जा रहा है, ऐसे में ये एडिलेड ओवल पर उनका शायद आखिरी मैच था. कोहली का इस ग्राउंड पर रिकॉर्ड शानदार रहा है. कोहली ने एडिलेड ओवल में तीनों फॉर्मेट को मिलाकर कुल 13 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने 60.93 के एवरेज से 975 रन बनाए हैं. इस दौरान कोहली के बल्ले से 5 शतक निकले. देखा जाए तो कोहली ने इस मैदान पर 5 वनडे इंटरनेशनल मैचों में भाग लिया है, जिसमें उनके नाम पर 48 की औसत से 244 रन दर्ज हैं. कोहली ने इस मैदान पर वनडे इंटरनेशनल में दो शतक जड़े हैं.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












