
हठयोग क्या है, कुंभ में आए साधु- संत क्यों करते हैं इतनी कठिन तपस्या? जानें
AajTak
144 साल बाद संगम के तट पर लगने वाले महाकुंभ मेले में एक से बढ़कर एक साधु-सन्यासी दूर-दूर से इकट्ठा हुए हैं. यहां पहुंचे हर साधु की अपनी अलग कहानी है. एक बाबा अपने सिर पर 45 किलो रुद्राक्ष धारण किये हुए हैं, तो एक सालों से खड़े हैं. आइए महाकुंभ में आए इन अनोखे बाबाओं के बारे में जानते हैं. देखें Video.
More Related News

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












