
सीरिया में महंगाई का कहर... एक कप कॉफी के लिए देना पड़ता है नोटों का 'गट्ठर'
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ट्रेवल ब्लॉगर इलोना करफिन ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो में सीरिया के हालात बयां किए. उन्होंने बताया कि हालात इतनी खराब हो चुकी है कि लोग अब पर्स रखना छोड़ चुके हैं, क्योंकि सामान खरीदने के लिए नोटों के बंडल देने पड़ते हैं.
सीरिया, जो कभी सभ्यता और इतिहास का प्रतीक था, आज गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. हाल ही में राष्ट्रपति असद के देश छोड़ने और तख्तापलट के बाद यह संकट और गहरा गया है. गृहयुद्ध, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और वैश्विक अलगाव ने देश को महंगाई के ऐसे जाल में फंसा दिया है कि आम नागरिकों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किलों से भरी है.
वायरल वीडियो ने दिखाया सीरिया के हालात ट्रेवल ब्लॉगर इलोना करफिन ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो में सीरिया के हालात बयां किए. उन्होंने बताया कि हालात इतनी खराब हो चुकी है कि लोग अब पर्स रखना छोड़ चुके हैं, क्योंकि सामान खरीदने के लिए नोटों के बंडल देने पड़ते हैं.
एलेना ने यह भी बताया कि यहां के रेस्टोरेंट में मेन्यू में कीमतें नहीं लिखी होतीं, क्योंकि कोई भी कीमत स्थिर नहीं है. विदेशी ब्रांड्स ने भी सीरिया से अपने उत्पाद हटाए हैं, और स्थानीय उत्पादों पर ही नागरिक निर्भर हैं.
देखें वायरल वीडियो
मुद्रा संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
सीरिया के आर्थिक संकट की जड़ उसकी मुद्रा, सीरियन पाउंड, की भारी गिरावट में है. एक समय था जब 1 अमेरिकी डॉलर 50 सीरियन पाउंड के बराबर था, लेकिन आज यह दर 15,000 पाउंड प्रति डॉलर तक पहुंच गई है. हालात इतने बदतर हो गए हैं कि एक कप कॉफी की कीमत 25,000 सीरियन पाउंड हो गई है.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












