
सिर्फ पराली और आतिशबाजी नहीं, ऊंची उड़ानें भी बिगाड़ रही हैं दिल्ली की हवा!
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प्रदूषण के कारणों पर राजनीतिक बहस भी होती रहती है. कोई इसे पटाखों की समस्या बताता है, तो कोई पराली जलाने का दोष देता है. वहीं, वाहनों का धुआं और ट्रैफिक भी इसके कारणों में शामिल किए जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि हवा खराब करने में सबसे बड़ी भूमिका किसकी है-कारों, बसों, या फिर हवाई यात्रा की?
दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक सीमा को पार कर गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 600 से भी ऊपर पहुंच चुका है. यह कोई नई बात नहीं है; हर साल अक्टूबर और नवंबर के बीच दिल्ली की हवा बिगड़ जाती है. प्रदूषण के कारणों पर राजनीतिक बहस भी होती रहती है. कोई इसे पटाखों की समस्या बताता है, तो कोई पराली जलाने का दोष देता है. वहीं, वाहनों का धुआं और ट्रैफिक भी इसके कारणों में शामिल किए जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि हवा खराब करने में सबसे बड़ी भूमिका किसकी है-कारों, बसों, या फिर फ्लाइट की?
बाइक या कार कौन फैलाता है ज्यादा पॉल्युशन
इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आमतौर पर कारें बाइक्स की तुलना में ज्यादा पॉल्युशन फैलाती हैं. इसका मुख्य वजह कारों की बड़ी इंजन क्षमता और अधिक ईंधन खपत है, जिसके चलते ये अधिक कार्बन डाइ ऑक्साइड (CO2) और अन्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन करती हैं.
ICCT की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि कारें बाइक्स की तुलना में अधिक ईंधन जलाती हैं और प्रति किलोमीटर ज्यादा CO2 उत्सर्जित करती हैं. इसे ऐसे समझिये, औसत पेट्रोल कार का उत्सर्जन बाइक की तुलना में 2-3 गुना ज्यादा होता है. इसके अलावा, कार का वजन ज्यादा होता है, जिससे इसका ईंधन पर अधिक दबाव पड़ता है और प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती है.
कम क्षमता वाले इंजन वाली बाइकें, जैसे 100-125cc, अपेक्षाकृत कम ईंधन का इस्तेमाल करती हैं, जिससे CO2 का उत्सर्जन भी कम होता है. हालांकि, ICCT की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बड़ी क्षमता वाले इंजन वाली स्पोर्ट्स बाइक्स या 250cc से ऊपर की बाइक्स का उत्सर्जन कारों के बराबर या उससे ज्यादा हो सकता है.
क्या फ्लाइट सबसे ज्यादा हवा खराब करते हैं?

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