
साबरमती नदी के किनारे कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन कल से, गुजरात में 64 साल बाद हो रहा आयोजन
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कांग्रेस का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 8 अप्रैल से गुजरात में होने जा रहा है. दो दिवसीय अधिवेशन साबरमती नदी के किनारे होगा. 64 साल बाद ये पहला मौका है जब गुजरात में कांग्रेस का अधिवेशन हो रहा है.
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 1924 के बेलगाम अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे. महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के सौ साल पूरे होने के मौके पर कांग्रेस उनकी जन्मभूमि गुजरात में साबरमती नदी के किनारे राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने जा रही है. कांग्रेस के इस दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन की शुरुआत 8 अप्रैल को होगी जिसे 'न्याय पथ' नाम दिया गया है. इस अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल होंगे.
64 साल बाद ये पहला मौका है जब गुजरात में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन हो रहा है. इस अधिवेशन में दो हजार से ज्यादा नेताओं के शामिल होने की उम्मीद कांग्रेस की ओर से जताई गई है. गुजरात महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्मभूमि है और ये दोनों ही कांग्रेस से जुड़े रहे हैं. अपने इन कद्दावर नेताओं की विरासत को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी ने दो दिवसीय आयोजन की रूपरेखा तैयार की है.
जानकारी के मुताबिक 8 अप्रैल को दिन में 11 बजे से दो दिवसीय अधिवेशन की शुरुआत होगी. इस अधिवेशन में कई राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित होंगे जिससे आने वाले समय के लिए पार्टी की सियासी दिशा तय होगी. राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले दिन कांग्रेस नेताओं के गांधी आश्रम जाने का भी कार्यक्रम है. 8 अप्रैल की शाम 5 बजे कांग्रेस के नेता गांधी आश्रम जाएंगे और वहां भजन-कीर्तन में भी शामिल होंगे.
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रात के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा जिसमें मल्लिका साराभाई के साथ ही अन्य कलाकार डांडिया, गरबा, आदिवासी नृत्य जैसे लोक कला के कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे. कांग्रेस नेताओं से मिली जानकारी के मुताबिक सभी मेहमानों के लिए गुजराती भोजन का प्रबंध रहेगा. पार्टी को उम्मीद है कि इस अधिवेशन से सूबे की सत्ता में वापसी की राह निकलेगी.
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