
सांगानेर की ओपन जेल में कैदी ने खुद को मारी गोली, नाबालिग की हत्या के मामले में काट रहा था उम्रकैद की सजा
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक कैदी की पहचान 43 वर्षीय अंकुर पाडिया के तौर पर हुई है. जिसे साल 2014 में कोटा में सात वर्षीय बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या करने का दोषी ठहराया गया था. फरवरी 2018 में कोटा की एक अदालत ने उसे सजा-ए-मौत दी थी.
राजस्थान की सांगानेर ओपन जेल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां एक सजायाफ्ता कैदी ने खुद को गोली मार ली. मरने वाला शख्स एक नाबालिग की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था. पुलिस को प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि उस कैदी ने आत्महत्या की है.
वारदात के बाद मृतक कैदी के संबंध में पुलिस को सूचना दी गई. इस वारदात के बारे में सांगानेर के मालपुरा गेट थाने के थाना प्रभारी हेमंत सिंह ने जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि यह घटना मंगलवार की शाम को हुई.
पुलिस अधिकारी ने इस बारे में आगे बताया कि मृतक कैदी की पहचान 43 वर्षीय अंकुर पाडिया के तौर पर हुई है. जिसे साल 2014 में कोटा में सात वर्षीय बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या करने का दोषी ठहराया गया था. फरवरी 2018 में कोटा की एक अदालत ने उसे सजा-ए-मौत दी थी.
पुलिस अफसर के मुताबिक, इस फैसले के खिलाफ कैदी ने उच्च न्यायालय में अपील की थी. जिसके बाद हाई कोर्ट ने मार्च 2021 में उसके मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदल दिया था. इस शर्त के साथ कि वह 25 साल तक जेल में रहेगा. कुछ समय पहले उसे बीकानेर जेल से सांगानेर ओपन जेल में स्थानांतरित किया गया था.
आपको बता दें कि अर्ध-खुली या खुली जेलों में दोषियों को आजीविका कमाने के लिए दिन में जेल परिसर के बाहर काम करने और शाम को लौटने की अनुमति होती है. उसी तरह से अंकुर पाडिया को भी ओपन जेल में रखा गया था.

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