
ससुराल की प्रताड़ना से तंग महिला ने लगाई फांसी, परिजनों ने थाने के बाहर शव रख किया हंगामा
AajTak
ससुराल वालों के प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने आत्महत्या कर ली. परिजनों ने तीन घंटे तक पुलिस थाने के सामने शव रखकर रोष जाताया और ससुराल के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की. पुलिस के द्वारा केस दर्ज करने के बाद ही महिला के शव का अंतिम संस्कार किया गया.
महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है. यहां श्वेता नाम की महिला ने पुणे के पुलिसकर्मी से प्रेम विवाह किया था. मगर, उसे क्या पता था कि शादी के बाद ससुराल वाले सम्मान न मिलने और दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करेंगे. हालांकि, जब ऐसा हुआ और मामला बर्दाश्त करने की हद से आगे निकल गया, तो महिला ने आत्महत्या कर ली.
मामला दौंड तालुका का है. श्वेता के के फांसी लगाकर सुसाइड करने की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे. गुस्साए परिजनों ने विवाहिता का शव पुलिस थाने के सामने रखकर ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की. करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा. इस दौरान पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई.
आखिरकार पुलिस ने पति के परिवार के पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया, तब कहीं जाकर मृतका के परिजनों का रोष शांत हुआ. मामले में पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने बताया कि महिला का नाम श्वेता रोहित है.
दो लाख रुपये मायके से लाने की हो रही थी मांग
श्वेता के परिजनों ने बताया कि उसका पति पुणे पुलिस बल में काम कर रहा है. दोनों ने लव मैरिज की थी. इसकी वजह से श्वेता के ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे थे. पिछले कुछ दिनों से शादी में में सम्मान न मिलने के ताने मारे जाते थे. इसके साथ ही घर खरीदने के लिए मायके से 2 लाख रुपये लाने की मांग की जा रही थी.
केस दर्ज होने के बाद परिजनों ने किया अंतिम संस्कार

पाकिस्तान ने रात के अंधेरे में अफगानिस्तान पर एक बार फिर हमला बोला है. पाकिस्तान ने ये एयरस्ट्राइक अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्त केंद्र अस्पताल पर किया है. इस हमले में अबतक 400 से ज्यादा मासूमों की मौत हो गई है, वहीं 250 से ज्यादा घायल बताए जा रहे है. वहीं अस्पताल पर हमले के आरोप से पाकिस्तान ने इनकार किया है.

वृंदावन में बंदरों की शरारतें अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती बन गई हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय दौरे से पहले चश्मा छीनने वाले बंदरों को काबू में रखने के लिए अनोखा उपाय किया गया है. वन्यजीव कानूनों के चलते असली लंगूरों की तैनाती संभव नहीं होने पर अब लंगूरों के कटआउट और विशेष टीमों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.











