
'सरकार बदलने का इरादा नहीं, खतरा हुआ तो मार गिराएंगे वेनेजुएला के विमान...', ट्रंप की सीधी चेतावनी
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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में सरकार बदलने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन वेनेजुएला के विमानों को अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा मानने पर गिराने की अनुमति दी है. अमेरिका ने कैरिबियन में 10 नए एफ-35 लड़ाकू विमान तैनात किए हैं, जिससे सैन्य तनाव बढ़ा है.
दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र अमेरिका में ड्रग्स एक बड़ी समस्या है. इस पर अंकुश लगाने के लिए ट्रंप प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रही है. अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सितंबर 2025 में तनाव पैदा हो गया है. इसकी मुख्य वजह है अमेरिका की ओर से वेनेजुएला में नार्को ट्रैफिक और ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सख्त कदम उठाना. अमेरिका का आरोप है कि वेनेजुएला की सरकार इनका समर्थन करती है. वहीं वेनेजुएला ने अमेरिका के आरोपों को खारिज कर दिया और कार्रवाई को गलत बताया.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ तनाव के बीच कहा कि उनका वेनेजुएला में सरकार बदलने का कोई इरादा नहीं है. लेकिन वेनेजुएला के विमान खतरा बनता है तो अमेरिकी फौज को उनके विमान गिराने की इजाज़त है
ट्रंप की चेतावनी के बीच अमेरिका ने कैरिबियन इलाके में 10 और एफ-35 लड़ाकू विमान तैनात कर वेनेजुएला सैन्य दवाब बढ़ा दिया है.
ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के इस आरोप को ख़ारिज कर दिया कि अमेरिका वहां की सरकार गिराना चाहती है. हालांकि, ट्रंप ने वेनेजुएला के 2024 के राष्ट्रपति चुनाव को बहुत अजीब बताया है. नए लड़ाकू विमान प्यूर्टो रिको में तैनात किए गए हैं.
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अमेरिकी की ओर से अतिरिक्त विमान ऐसे समय तैनात किया गया है जब हाल में ही अमेरिकी सैनिकों के द्वारा मादक पदार्थ ले जा रहे एक वेनेजुएलाई जहाज को डुबो दिया गया था. इस हमले में 11 लोग मारे गए.

कोलंबिया में एक विमान क्रैश हो गया, हादसे में मरने वालों की संख्या 66 हो गई है. कोलंबिया वायुसेना का विमान हरक्यूलिस सी-130 विमान रनवे से उड़ान भरते समय क्रैश कर गया. कोलंबियाई वायु सेना के विमान हादसे के बाद तुरंत बचावकर्मी मौके पर पहुंचे और अभियान शुरू किया. जानकारी के मुताबिक विमान में 125 लोग सवार थे.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.








