
समंदर में इजरायली केमिकल टैंकर हाईजैक करने की कोशिश, US नेवी ने अटैक कर बचाया
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इजरायली टैंकर को ऐसे वक्त पर अपहरण करने की कोशिश की गई, जब हमास और इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है. हूती विद्रोहियों ने पिछले हफ्ते इजरायल से जुड़े एक उद्योगपति के मालवाहक जहाज का अपहरण कर लिया था. इसमें 25 क्रू मेंबर्स थे.
अमेरिका ने अदन की खाड़ी में इजरायल से जुड़े एक टैंकर सेंट्रल पार्क को अपहरण से बचा लिया. यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को बताया कि अज्ञात हमलावर इस टैंकर का अपहरण करना चाहते थे, लेकिन अमेरिकी नौसेना के मिसाइलों से लैस ड्रेस्ट्रायर मैसन ने उनकी चाल नाकाम कर दी. जहाज को अपहरण करने की कोशिश नाकाम होने के बाद हूती ने यमन से अमेरिकी मैसन की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइल भी दागी, हालांकि, वे समुद्र में ही गिर गईं.
यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि टैंकर में फॉस्फोरिक एसिड था. बताया जा रहा है कि जैसे ही हमलावरों ने इस पर हमला किया, क्रू मेंबर्स ने इसकी जानकारी यूएस नेबी को दी. यूएस नेवी ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की. जहाज को हमलावरों से मुक्त कराने के दौरान पांच हथियारबंद हमलावरों ने एक छोटी नाव से भागने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी जवानों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. सेंट्रल पार्क के क्रू मेंबर्स सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने नहीं ली. हालांकि, जिस तरह से अमेरिकी नौसेना पर हूती द्वारा मिसाइलें दागी गईं, उससे जहाज का अपहरण करने के पीछे हूती विद्रोहियों की साजिश बताई जा रही है. कमांडर जनरल माइकल एरिक कुरिला ने कहा, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए समुद्री डोमेन सुरक्षा जरूरी है. हम अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोगियों और भागीदारों के साथ काम करना जारी रखेंगे.
इजरायली टैंकर को ऐसे वक्त पर अपहरण करने की कोशिश की गई, जब हमास और इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है. इस युद्ध में यमन का हूती और लेबनान का हिज्बुल्ला संगठन भी इजरायल के खिलाफ हमास का साथ दे रहा है और हमले कर रहा है. इजरायल भी इन हमलों का जवाब दे रहा है.
हूती विद्रोहियों ने पिछले हफ्ते इजरायल से जुड़े एक उद्योगपति के मालवाहक जहाज का अपहरण कर लिया था. इसमें 25 क्रू मेंबर्स थे. यह जहाज तुर्की से भारत आ रहा था. हालांकि, इस जहाज में कोई भी भारतीय या इजरायली नागरिक नहीं था. इजरायल और अमेरिका ने इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ बताया था. हालांकि, ईरान ने इन आरोपों से इनकार कर दिया.

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