
सनातन पर विवाद से DMK को फायदा! जानें- क्यों बढ़ी है INDIA गठबंधन की चिंता
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सनातन पर विवाद थम नहीं रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस विवाद से DMK को नुकसान के साथ-साथ कुछ फायदा भी हो सकता है. लेकिन इस बयान ने INDIA गठबंधन की चिंता जरूर बढ़ा दी है.
समाज सुधारक और द्रविड़ आइकन पेरियार ने एक बार कहा था- कोई भगवान नहीं है. जिसने भगवान को बनाया वह मूर्ख है. जो उनका नाम फैला रहा है वह दुष्ट है, जो उनको पूज रहे हैं वे असभ्य हैं.
तमिलनाडु का समाज, लोग दशकों से पेरियार के इस कथन को सुनते आ रहे हैं. इसके अलावा DMK के संयोजक अन्नादुरई और उनके जैसे कई जो धर्म, जाति, ब्राह्मणवाद, जाति/धार्मिक/लिंग उत्पीड़न आदि के आलोचक रहे वे तमिलनाडु की जनता के नेता रहे.
इसलिए सनातन धर्म पर उदयनिधि स्टालिन के बयान पर जितना हंगामा हिंदी भाषी राज्यों में देखने को मिला वैसा माहौल तमिलनाडु में नहीं रहा.
सबसे पहले जान लीजिए उदयनिधि कौन हैं और उन्होंने क्या कहा था. दरअसल, उदयनिधि तमिलनाडु के सीएम स्टालिन के बेटे हैं. उन्होंने कहा था कि सनातन का बस विरोध नहीं किया जाना चाहिए, इसे समाप्त ही कर देना चाहिए. ये धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है. हम डेंगू, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते, हमें इसे मिटाना है. इसी तरह हमें सनातन को भी मिटाना है.
तमिलनाडु में बड़ा मुद्दा नहीं बना बयान
बीजेपी इस बयान को हिंदुओं के अपमान की तरह प्रस्तुत कर रही है. लेकिन तमिलनाडु में इसको लेकर उतना हंगामा नहीं है. इसकी वजह राज्य का सांस्कृतिक स्वभाव है.

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