
'सत्ता पर साजिश से कब्जा किया और देश को बर्बादी की ओर धकेल दिया' शेख हसीना का यूनुस पर बड़ा आरोप
AajTak
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि यूनुस ने सोची-समझी साजिश के तहत सत्ता पर कब्जा किया और देश को बर्बादी की ओर धकेल दिया. शेख हसीना ने स्वतंत्रता सेनानियों की हत्या, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और अवामी लीग को खत्म करने की साजिश का भी आरोप लगाया.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस ने 'सोची-समझी साजिश' के तहत सत्ता पर कब्जा किया और देश को बर्बादी की ओर धकेल दिया.
एक भावुक ऑडियो संदेश में शेख हसीना ने कहा कि मोहम्मद यूनुस गरीबों का शोषण कर रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय मंच पर बांग्लादेश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और देश की संप्रभुता को कमजोर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लाखों शहीदों के खून से मिली आजादी को किसी भी कीमत पर सौंपा नहीं जाएगा.
शेख हसीना ने मुक्ति संग्राम की विरासत का जिक्र करते हुए अपने विरोधियों पर स्वतंत्रता सेनानियों की हत्या का आरोप लगाया. उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या को भी याद किया. हसीना का दावा है कि हालात इतने खराब हैं कि अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हो रही हैं, नेताओं और कार्यकर्ताओं को हथकड़ी पहनाई जा रही है और अवामी लीग को खत्म करने की साजिश चल रही है.
उन्होंने विदेशों में रह रहे बांग्लादेशियों का समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और देश के लोगों से अपील की कि वे 'बुरी ताकतों' के खिलाफ एकजुट हों और बांग्लादेश की आजादी को फिर से बहाल करने की लड़ाई लड़ें. अपने संदेश के अंत में शेख हसीना ने कहा, 'आइए हम सब मिलकर उन्हें हराएं,' और ‘जय बांग्ला’ तथा ‘जय बंगबंधु’ के नारे लगाते हुए जनता पर भरोसा जताया कि आखिरकार जीत लोगों की ही होगी.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








