
'संसद में बैठे मेरे साथी मुसलमान बनने को कहते हैं...' PAK में भड़के हिंदू सांसद
AajTak
पाकिस्तान के हिंदू सांसद दानिश कुमार ने पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे साथी सांसद मुझ पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि मैं इस्लाम धर्म अपना लूं लेकिन इस्लाम को लेकर मुझे उपदेश मत दो. पहले उन अपराधियों, मुनाफाखोरों को मुसलमान बनाओ फिर दानिश कुमार को मुसलमान बनाने की बात करना.
पाकिस्तान के एक हिंदू सांसद दानिश कुमार (Danish Kumar) ने अपने साथी सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बलूचिस्तान से हिंदू सांसद दानिश कुमार ने कहा है संसद में बैठे उनके साथी सांसद उन पर इस्लाम धर्म अपनाने को लेकर दबाव बना रहे हैं.
दानिश ने पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे साथी सांसद मुझ पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि मैं इस्लाम धर्म अपना लूं लेकिन इस्लाम को लेकर मुझे उपदेश मत दो. पहले उन अपराधियों, मुनाफाखोरों को मुसलमान बनाओ फिर दानिश कुमार को मुसलमान बनाने की बात करना.
बलूचिस्तान से सांसद दानिश ने संसद में गरजते हुए कहा कि इस संसद में बैठे मेरे दोस्त और साथी सांसद मुझे कहते हैं कि दानिश कुमार कलमा पढ़ लो, मुसलमान बन जाओ. मैं उनसे कहता हूं कि पहले उन शैतानों, मुनाफाखोरों को मुसलमान बनाओ. फिर दानिश कुमार को मुसलमान बनाने की बात करना. मैं चाहता हूं कि मुझसे ये वादा किया जाए कि जब तक उन लोगों से इस्लाम का पालन नहीं करवाते, तब कर मुझ पर तब्लीग नहीं करेंगे.
क्या है मामला?
हिंदू सांसद दानिश कुमार गुरुवार को संसद में महंगाई को लेकर आक्रामक हुए. उन्होंने जमाखोरी और महंगाई को लेकर कहा कि यह निंदनीय है कि सरकार रमजान के महीने में भी खाने-पीने के सामान की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है.
कौन हैं दानिश कुमार?

ईरान युद्ध के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इजरायल अमेरिका से अलग होकर काम कर रहा है. हालांकि यह साफ संकेत मिल रहा है कि दोनों देश अभी भी रणनीतिक रूप से साथ हैं और ‘गुड कॉप-बैड कॉप’ की भूमिका निभा सकते हैं. हाल के घटनाक्रमों ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या इजरायल अमेरिका से अलग चल रहा है या रणनीति का हिस्सा है?

इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर हवाई हमला किया है. इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हमले जारी है. इजरायली हमलों से लगातार ईरान में तबाही मची हुई है. ईरान की राजधानी तेहरान इन हमलों से सबसे ज्यादा ग्रसित है, जहां लोग इन हमलों के बीच डर में रहने को मजबूर है. तेहरान के की इलाकों को इस हमले में निशाना बनाया गया.

ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी है. व्हाइट हाुस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने युद्धविराम पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका बातचीत कर सकता है, लेकिन युद्धविराम पर कोई विचार नहीं है. साथ ही येभी कहा कि जब सामने वालो पक्ष को अमेरिका पूरी तरह से नष्ट कर रहा है तो युद्धविराम नहीं होगा.

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने तुर्की और ओमान में हुए हमलों में अपना हाथ होने से साफ इनकार कर दिया है और इसे इजरायल की साजिश बताया है. ईद और नए साल के मौके पर दिए संदेश में उन्होंने दावा किया कि ईरान ने पिछले एक साल में तीन बड़ी जंग जीती हैं. उन्होंने मीडिया को आगाह किया कि वे देश की अंदरूनी कमियों को बढ़ा-चढ़ाकर न दिखाएं, क्योंकि इससे दुश्मनों की 'दिमागी जंग' को मदद मिलती है.

खाड़ी देशों में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. जिसका सीधा असर तेल और गैस पर पड़ रहा है, जिसकी चपेट में पूरी दुनिया आ रही है. इस बीच अमेरिका और इजरायल के हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना एक खास हथियार बना लिया है. इस समुद्री गलियारे पर नियंत्रण के जरिए ईरान ने दुनिया के व्यापार को प्रभावित किया है और अब ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है. देखें वीडियो.

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने के लिए ईसा मसीह और चंगेज खान का उदाहरण देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर समाज अपनी रक्षा नहीं कर पाता, तो यीशु मसीह भी चंगेज खान को नहीं हरा सकते. इस बयान पर ईसाई जगत और ईरान ने तीखी आपत्ति जताई और इसे ईसा मसीह का अपमान बताया. विवाद बढ़ता देख नेतन्याहू ने सफाई दी कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरानी हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके चार डोमेन को सीज कर दिया है. बीते दिनों हंडाला ने अमेरिकी मेडिकल कंपनी स्ट्राइकर पर मैलवेयर हमला किया था और इजरायली अधिकारियों के डेटा को लीक किया था. FBI ने इस कार्रवाई को ईरानी साइबर ऑपरेटरों के लिए चेतावनी बताया है.

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती जंग ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग ठप्प कर दिया है. जहां पहले रोज़ाना 130 से ज्यादा जहाज गुजरते थे, अब वहां गिनती सिर्फ 5 जहाजों तक सिमट गई है. इस रास्ते के बंद होने से भारत समेत पूरी दुनिया में तेल और गैस की किल्लत हो सकती है, क्योंकि सऊदी और यूएई की वैकल्पिक पाइपलाइनों में इतना दम नहीं कि वे होर्मुज की कमी पूरी कर सकें.

अली लारिजानी पर जर्मन दार्शनिक कांट का गहरा बौद्धिक प्रभाव था. लेकिन राजनीतिक चातुर्य ने उन्हें व्यावहारिक बना दिया. उन्होंने कांट को समझा, लिखा और उनकी व्याख्या की. पर ईरान में उसे लागू करने के दौरान भू-राजनीति की वास्तविकताओं ने उनके फैसलों पर असर डाला. दरअसल वे कांट से प्रभावित एक व्यवहारिक रणनीतिकार अधिक थे.




