
'हमारे पास एक्स्ट्रा नहीं...', अमेरिका ने दी तेल बेचने की छूट तो ईरान ने दिखाया डोनाल्ड ट्रंप को आईना
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अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.
अमेरिका ने ऐलान किया कि ईरान के तेल पर जो पाबंदी लगी थी, उसे 30 दिनों के लिए ढीला किया जा रहा है. यानी 20 मार्च से 19 अप्रैल तक जो तेल समुद्र में जहाजों पर भरा पड़ा है वो बेचा जा सकता है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इससे करीब 14 करोड़ बैरल तेल बाजार में आ सकता है. लेकिन इस पर ईरान की ओर से जो जवाब आया है वह ट्रंप को शायद पसंद नहीं आएगा.
ईरान के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर साफ लिख दिया, "हमारे पास समुद्र में फंसा हुआ या बाहर भेजने के लिए कोई एक्स्ट्रा तेल है ही नहीं." और उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का यह बयान सिर्फ बाजार को "झूठी उम्मीद" देने के लिए है. असल में इतना तेल है ही नहीं जितना अमेरिका बता रहा है. यानी ईरान कह रहा है, "तुमने जो छूट दी, वो बेकार है. तेल ही नहीं है तो छूट का क्या फायदा?"
तो दोनों में से कौन सच बोल रहा है?
अमेरिका का दावा: समुद्र में ईरान के तेल से भरे जहाज फंसे पड़े हैं. होर्मुज बंद होने की वजह से वो निकल नहीं पा रहे. हम उन्हें 30 दिन की छूट दे रहे हैं ताकि यह तेल बाजार में आए और दाम नीचे आएं.
ईरान का दावा: ऐसा कोई बड़ा भंडार है ही नहीं. यह सब अमेरिका का प्रचार है. बाजार को शांत दिखाने के लिए झूठ बोला जा रहा है.
दोनों अपने-अपने फायदे के लिए बोल रहे हैं. अमेरिका चाहता है कि बाजार में यह खबर जाए कि तेल आने वाला है. इससे ही दाम थोड़े नीचे आ जाएंगे. और ईरान नहीं चाहता कि दुनिया को लगे कि अमेरिका की चाल काम कर रही है.

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