
400 बेगुनाहों की मौत, अफगानिस्तान का अस्पताल चीख-चीखकर दे रहा पाकिस्तान के गुनाहों का सबूत... सैटेलाइट इमेज से खुलासा
AajTak
पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के अस्पताल पर किए गए हमलों की सैटेलाइट तस्वीरों में उसके गुनाहों का सबूत साफ दिखाई दे रहा है. पाकिस्तान का दावा है कि उसने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन ये तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. पाकिस्तान के इस हमले में कई बेगुनाह लोगों की जान गई है.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में कई हवाई हमले किए थे, जिनमें बड़ी संख्या में बेगुनाहों लोगों के मौत हुई और कई सारे लोग घायल भी हुए. जबकि 20 और 21 फरवरी को हुए इन हमलों के बारे में पाकिस्तान का कहना है, कि ये हालिया आतंकी घटनाओं के जवाब में किए गए थे, और हमले में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया.
पाकिस्तान के इन हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए. लगभग 400 लोगों की मौत और 250 से अधिक लोग घायल हुए. हालांकि, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने मृतकों की संख्या 143 बताई है.
20 मार्च को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में काबुल के ओमिद अस्पताल पर हमले के बाद का दृश्य साफ दिखाई देता है, जो पाकिस्तान द्वारा बेगुनाहों पर किए गए हमले का सबूत साबित हो रहा है.
यह 2,000 बेड वाला बड़ा अस्पताल था, जिसकी विशाल छत और आसपास कई सुविधाएं मौजूद थीं. अब यह मलबे में तब्दील हो चुका है. यह ढांचा किसी भी रूप में सैन्य ठिकाने जैसा प्रतीत नहीं होता.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह परिसर पहले कैंप फीनिक्स नामक नाटो बेस था, जिसे अमेरिकी सेना संचालित करती थी. 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद इसे अफगानिस्तान का सबसे बड़ा नशा मुक्ति केंद्र बना दिया गया.
काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब 3 मील दूर स्थित यह अस्पताल गृह मंत्रालय के अधीन संचालित होता है, जो देश में मादक पदार्थों के खिलाफ कामकाज की देखरेख भी करता है.

ईरान युद्ध के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इजरायल अमेरिका से अलग होकर काम कर रहा है. हालांकि यह साफ संकेत मिल रहा है कि दोनों देश अभी भी रणनीतिक रूप से साथ हैं और ‘गुड कॉप-बैड कॉप’ की भूमिका निभा सकते हैं. हाल के घटनाक्रमों ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या इजरायल अमेरिका से अलग चल रहा है या रणनीति का हिस्सा है?

इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर हवाई हमला किया है. इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हमले जारी है. इजरायली हमलों से लगातार ईरान में तबाही मची हुई है. ईरान की राजधानी तेहरान इन हमलों से सबसे ज्यादा ग्रसित है, जहां लोग इन हमलों के बीच डर में रहने को मजबूर है. तेहरान के की इलाकों को इस हमले में निशाना बनाया गया.

ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी है. व्हाइट हाुस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने युद्धविराम पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका बातचीत कर सकता है, लेकिन युद्धविराम पर कोई विचार नहीं है. साथ ही येभी कहा कि जब सामने वालो पक्ष को अमेरिका पूरी तरह से नष्ट कर रहा है तो युद्धविराम नहीं होगा.

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने तुर्की और ओमान में हुए हमलों में अपना हाथ होने से साफ इनकार कर दिया है और इसे इजरायल की साजिश बताया है. ईद और नए साल के मौके पर दिए संदेश में उन्होंने दावा किया कि ईरान ने पिछले एक साल में तीन बड़ी जंग जीती हैं. उन्होंने मीडिया को आगाह किया कि वे देश की अंदरूनी कमियों को बढ़ा-चढ़ाकर न दिखाएं, क्योंकि इससे दुश्मनों की 'दिमागी जंग' को मदद मिलती है.

खाड़ी देशों में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. जिसका सीधा असर तेल और गैस पर पड़ रहा है, जिसकी चपेट में पूरी दुनिया आ रही है. इस बीच अमेरिका और इजरायल के हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना एक खास हथियार बना लिया है. इस समुद्री गलियारे पर नियंत्रण के जरिए ईरान ने दुनिया के व्यापार को प्रभावित किया है और अब ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है. देखें वीडियो.

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने के लिए ईसा मसीह और चंगेज खान का उदाहरण देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर समाज अपनी रक्षा नहीं कर पाता, तो यीशु मसीह भी चंगेज खान को नहीं हरा सकते. इस बयान पर ईसाई जगत और ईरान ने तीखी आपत्ति जताई और इसे ईसा मसीह का अपमान बताया. विवाद बढ़ता देख नेतन्याहू ने सफाई दी कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरानी हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके चार डोमेन को सीज कर दिया है. बीते दिनों हंडाला ने अमेरिकी मेडिकल कंपनी स्ट्राइकर पर मैलवेयर हमला किया था और इजरायली अधिकारियों के डेटा को लीक किया था. FBI ने इस कार्रवाई को ईरानी साइबर ऑपरेटरों के लिए चेतावनी बताया है.

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती जंग ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग ठप्प कर दिया है. जहां पहले रोज़ाना 130 से ज्यादा जहाज गुजरते थे, अब वहां गिनती सिर्फ 5 जहाजों तक सिमट गई है. इस रास्ते के बंद होने से भारत समेत पूरी दुनिया में तेल और गैस की किल्लत हो सकती है, क्योंकि सऊदी और यूएई की वैकल्पिक पाइपलाइनों में इतना दम नहीं कि वे होर्मुज की कमी पूरी कर सकें.





