
महाजंग की आग और भड़की... ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिका-ब्रिटेन के बेस पर दागीं मिसाइलें, दुबई में जोरदार धमाके
AajTak
मिडिल ईस्ट के युद्ध की लपटें अब हिंद महासागर तक पहुंच गई हैं. ईरान ने शनिवार को डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर दुनिया को चौंका दिया है. अमेरिकी अधिकारियों ने मिसाइलों को हवा में मार गिराने की पुष्टि की है.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान ने शनिवार को हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के रणनीतिक सैन्य बेस 'डिएगो गार्सिया' पर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. इस हमले के तुरंत बाद दुबई में भी एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव होने और जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी. हिंद महासागर में युद्ध का ये विस्तार 4 मार्च को अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' को डुबाने के बाद हुआ है, जिसमें 85 से अधिक लोग मारे गए थे. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने शनिवार को हिंद महासागर में स्थित संयुक्त अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. ईरानी क्षेत्र से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित इस ठिकाने पर ये अब तक का सबसे बड़ा और दुर्लभ हमला है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से दागी गई दोनों मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया है. अधिकारियों ने कहा कि एक मिसाइल उड़ान के बीच में ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी युद्धपोत से लॉन्च किए गए इंटरसेप्टर (SM-3) ने हवा में ही तबाह कर दिया. डिएगो गार्सिया चागोस द्वीप समूह में स्थित है और ये अमेरिका-ब्रिटेन का महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है जो अफगानिस्तान और इराक में अमेरिकी बमबारी ऑपरेशन के लिए स्टेजिंग हब के रूप में इस्तेमाल होता रहा है.
ईरान द्वारा डिएगो गार्सिया को निशाना बनाना सैन्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गया है. अब तक ये माना जाता था कि ईरान की मिसाइल रेंज सीमित है, लेकिन 4,000 किमी दूर हमला करने की कोशिश ये संकेत देती है कि तेहरान अब यूरोप में स्थित ठिकानों को भी निशाना बनाने की क्षमता रखता है. पेंटागन ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन रणनीतिकारों का मानना है कि इससे युद्ध का भूगोल पूरी तरह बदल गया है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जताई चिंता पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस घटना पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने सच में डिएगो गार्सिया पर हमला करने की कोशिश की है तो उसने युद्ध के दायरे को काफी बढ़ा दिया है. तिवारी के अनुसार, ईरान ने पश्चिम को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वह मिडिल ईस्ट की सीमाओं से बाहर निकलकर दक्षिण की ओर भी प्रहार कर सकता है.
अराघची ने यूके को दी चेतावनी उधर, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कड़ी आलोचना की है. अराघची ने कहा कि स्टार्मर अपने ही लोगों की इच्छा के विरुद्ध जाकर ब्रिटिश ठिकानों को ईरान के खिलाफ आक्रामकता के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दे रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे ब्रिटिश नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है और ईरान अपने आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) के अधिकार का इस्तेमाल करेगा. ईरान का मानना है कि ब्रिटेन का ये कदम उसे युद्ध में सीधे तौर पर घसीट रहा है.
वहीं, डिएगो गार्सिया पर हमले के बीच संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई में भी तनाव फैल गया है. शहर के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने एक हवाई खतरे को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है. अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वो किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. युद्ध की ये लहर अब खाड़ी देशों के पर्यटन और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन रही है.

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने तुर्की और ओमान में हुए हमलों में अपना हाथ होने से साफ इनकार कर दिया है और इसे इजरायल की साजिश बताया है. ईद और नए साल के मौके पर दिए संदेश में उन्होंने दावा किया कि ईरान ने पिछले एक साल में तीन बड़ी जंग जीती हैं. उन्होंने मीडिया को आगाह किया कि वे देश की अंदरूनी कमियों को बढ़ा-चढ़ाकर न दिखाएं, क्योंकि इससे दुश्मनों की 'दिमागी जंग' को मदद मिलती है.

खाड़ी देशों में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. जिसका सीधा असर तेल और गैस पर पड़ रहा है, जिसकी चपेट में पूरी दुनिया आ रही है. इस बीच अमेरिका और इजरायल के हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना एक खास हथियार बना लिया है. इस समुद्री गलियारे पर नियंत्रण के जरिए ईरान ने दुनिया के व्यापार को प्रभावित किया है और अब ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है. देखें वीडियो.

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने के लिए ईसा मसीह और चंगेज खान का उदाहरण देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर समाज अपनी रक्षा नहीं कर पाता, तो यीशु मसीह भी चंगेज खान को नहीं हरा सकते. इस बयान पर ईसाई जगत और ईरान ने तीखी आपत्ति जताई और इसे ईसा मसीह का अपमान बताया. विवाद बढ़ता देख नेतन्याहू ने सफाई दी कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था.

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरानी हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके चार डोमेन को सीज कर दिया है. बीते दिनों हंडाला ने अमेरिकी मेडिकल कंपनी स्ट्राइकर पर मैलवेयर हमला किया था और इजरायली अधिकारियों के डेटा को लीक किया था. FBI ने इस कार्रवाई को ईरानी साइबर ऑपरेटरों के लिए चेतावनी बताया है.

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती जंग ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग ठप्प कर दिया है. जहां पहले रोज़ाना 130 से ज्यादा जहाज गुजरते थे, अब वहां गिनती सिर्फ 5 जहाजों तक सिमट गई है. इस रास्ते के बंद होने से भारत समेत पूरी दुनिया में तेल और गैस की किल्लत हो सकती है, क्योंकि सऊदी और यूएई की वैकल्पिक पाइपलाइनों में इतना दम नहीं कि वे होर्मुज की कमी पूरी कर सकें.

अली लारिजानी पर जर्मन दार्शनिक कांट का गहरा बौद्धिक प्रभाव था. लेकिन राजनीतिक चातुर्य ने उन्हें व्यावहारिक बना दिया. उन्होंने कांट को समझा, लिखा और उनकी व्याख्या की. पर ईरान में उसे लागू करने के दौरान भू-राजनीति की वास्तविकताओं ने उनके फैसलों पर असर डाला. दरअसल वे कांट से प्रभावित एक व्यवहारिक रणनीतिकार अधिक थे.

अमेरिका ने IRGC के टॉप 5 अधिकारियों का पोस्टर जारी किया है. जिसमें जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर के इनाम का एलान किया है. इससे पहले भी अमेरिका ने एक पोस्टर जारी किया था जिसमें ईरान के अधिकारियों पर इनाम रखा था. ये पोस्टर उस वक्त जारी किया गया है जब लगातार ईरान के टॉप कमांडरों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं. देखें वीडियो.

इजरायल की Haifa Refinery पर हुए ईरानी हमले में अहम बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है. हमला रिफाइनरी से जुड़े एक थर्ड-पार्टी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ, जो ऑपरेशन के लिए जरूरी था. कंपनी के मुताबिक, कुछ दिनों में फिर से पूरी तरह संचालन शुरू होने की उम्मीद है. ज्यादातर प्रोडक्शन यूनिट्स फिलहाल चालू हैं. देखें वीडियो.





