
संसद में गूंजा राजस्थान फोन टैपिंग का मामला, भूपेंद्र यादव बोले- संविधान का हो रहा दुरुपयोग
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भारतीय जनता पार्टी के नेता भूपेंद्र यादव ने इस मसले को सदन में उठाया और कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों की निजता की सुरक्षा नहीं कर रही है.
राजस्थान सरकार के फोन टैपिंग मामले को लेकर बवाल जारी है. शुक्रवार को राज्यसभा में भी इस मसले की गूंज सुनाई दी. भारतीय जनता पार्टी के नेता भूपेंद्र यादव ने इस मसले को सदन में उठाया और कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों की निजता की सुरक्षा नहीं कर रही है. भूपेंद्र यादव ने कहा कि संविधान में सभी नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार दिया गया है, लेकिन राजस्थान में जो हो रहा है वो दुर्भाग्यपूर्ण है. बीजेपी सांसद ने कहा कि राजस्थान सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री के OSD को ये अधिकार किसने दिया कि वो किसी का फोन टैप करें. जो शक्ति सरकार के पास रहती है, उसका उपयोग एक निजी व्यक्ति कर रहा है. भूपेंद्र यादव बोले कि राजस्थान में संविधान के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है, आम लोगों से लेकर मीडिया तक को परेशान किया जा रहा है. राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने स्वीकार किया है कि फोन टेप किये गए हैं। यह लोकतंत्र की गरिमा, नागरिकों के सम्मानपूर्वक जीवन व संविधान के अनुच्छेद-21 की भावना के खिलाफ है। ऐसा होने से नागरिकों, मीडिया व सार्वजनिक जीवन में लोगों के अधिकारों के संरक्षण को लेकर प्रश्न खड़े होते हैं। pic.twitter.com/fmENpc2TBw
जिस समय दुनिया में भारत में चल रही AI समिट की वाहवाही हो रही थी. दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्रप्रमुख भारत की क्षमताओं और लीडरशिप के कायल हो रहे थे. तब कांग्रेस की यूथ विंग का 'राजनीतिक विरोध'... कुंठा और हताशा की सारी सीमाओं को पार कर गया और फिर उन्होंने जो किया, उसे शर्मनाक, फूहड़ता, निर्लज्जता और 'राजनीतिक अधोपतन' ही कहा जा सकता है. कांग्रेस की यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने किसी पूर्व नियोजित योजना के तहत सुरक्षा घेरा तोड़कर AI समिट में प्रवेश किया.

आज की घटना में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने मोदी विरोध में अपने कपड़े उतारकर AI Impact Summit में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदा किया. इस प्रकार के विरोध को राजनीति नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह देश के सम्मान के खिलाफ है. युवा नेताओं की इस हरकत ने देश की छवि को प्रभावित किया है. राजनीतिक विरोध करना अपनी बात सामने रखने का तरीका होता है लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से देश के हितों को नुकसान होता है.

यह वीडियो कांग्रेस द्वारा AI समिट में किए गए विरोध प्रदर्शन पर केंद्रित है. दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विपक्ष के विरोध ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह विरोध राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है. इस दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे और प्रदेश की सकारात्मक विकास खबरों पर भी चर्चा की गई है. देखें खबरदार.

एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए और टी-शर्ट्स पर संदेश लिखे गए. समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई वैश्विक कंपनियों के प्रमुख मौजूद थे. विरोध के समय और तरीके को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.

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