
'संजय लीला भंसाली ने मेरे नखरे सहे मगर मुझे धोखा दिया', संगीतकार इस्माइल दरबार का दर्द
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इस्माइल दरबार और संजय लीला भंसाली एक समय पर काफी अच्छे दोस्त थे. दोनों ने साथ काम भी किया. मगर फिर उनके रिश्ते में दूरियां आ गईं. इस्माइल दरबार का कहना है कि भंसाली ने उन्हें धोखा दिया है. आखिर क्यों आइए जानते हैं...
संजय लीला भंसाली और म्यूजिक कंपोजर इस्माइल दरबार का एक दूसरे संग 'टॉम एंड जैरी' जैसा रिश्ता है. दोनों लड़ते भी हैं और एक दूसरे को सपोर्ट भी करते हैं. इस्माइल दरबार ने भंसाली की आइकॉनिक फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' , 'देवदास' में म्यूजिक दिया है. दोनों ने साथ मिलकर मैजिक क्रिएट किया. मगर फिर उनके रिश्ते में दूरियां आ गईं. अब इस्माइल दरबार ने भंसाली को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है.
क्या बोले इस्माइल दरबार?
सुभोजित घोष के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान इस्माइल दरबार ने बताया कि 'देवदास' की शूटिंग के दौरान भंसाली ने उन्हें इंटरव्यू देने की परमिशन नहीं दी थी. हालांकि उन्होंने ये भी माना कि भंसाली सालों तक उनके नखरे सहते आए हैं. इस्माइल बोले- भंसाली ने देवदास की शूटिंग के दौरान किसी को भी मेरा इंटरव्यू लेने नहीं दिया था. उन्होंने मेरे बहुत नखरे सहन किए. मैं उनके बारे में चाहे कितनी भी बुरी बातें कहूं, पर मुझे अंदर से दर्द होता है, क्योंकि अगर उन्होंने उस समय मेरे नखरे सहन नहीं किए होते, तो मैं जनता के सामने नहीं आ पाता.
इस्माइल आगे बोले- हर गाने को बनाने के दौरान हमारी बहुत लड़ाई होती थी. इस मामले में मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे और मेरे परिवार को बहुत प्यार दिया है. हीरामंडी से पहले तक हमारा रिश्ता बहुत अच्छा था. उन्होंने मुझे शो के प्रीमियर के लिए सामने से बुलाया था. उन्होंने मुझसे कहा था कि उन्होंने मेरे अलावा किसी और को नहीं बुलाया, लेकिन तब तक मेरा दिल टूट चुका था. इस्माइल ने आगे कहा- अगर मैंने और संजय ने हीरामंडी साथ में की होती, तो हम इतिहास रच देते.
जब फूट-फूटकर रो पड़े थे भंसाली
इस्माइल दरबार ने 'हम दिल दे चुके सनम' की शूटिंग के दौरान का एक भावुक किस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि जब भंसाली ने पहली बार फिल्म का 'तड़प तड़प' गाना सुना था तो वो रो पड़े थे. इस्माइल बोले- उन्होंने जब पहली बार गाना सुना तो वो 9 बार सुनते रहे. नौवीं बार गाना सुनने के बाद वो मेरी तरफ मुड़े और फूट-फूटकर रोने लगे थे. ऐसा लग रहा था जैसे उनके किसी करीबी की मौत हो गई हो. उन्होंने माना था कि इसी गाने ने उनके मन में फिल्म को पूरा किया था, क्योंकि उन्हें समझ आ गया था कि फिल्म का एंड और इंटरवल कहां और कैसे करना है.













