
श्रीलंका में महिंदा राजपक्षे के खिलाफ उबाल, भीड़ से बचने के लिए नौसेना बेस में ली शरण!
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श्रीलंका में 9 मई से हिंसा और आगजनी तेज हुई है. अब तक 8 लोगों की जान गई है और कोलंबो समेत अन्य जगहों पर 250 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद को भी जान गंवानी पड़ी.
Sri Lanka Crisis: पड़ोसी देश श्रीलंका 3 दिन से गुस्से की आग में जल रहा है. यहां 32 दिन से प्रदर्शनकारी सड़कों पर डेरा जमाए हैं. देश के अंदर आर्थिक मंदी की मार ने लोगों के भीतर उबाल ला दिया है. भीड़ इस सबके पीछे राजपक्षे परिवार (महिंदा और उनके भाई, राष्ट्रपति गोटबाया) को दोषी ठहरा रही है. मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक, अब तो महिंदा राजपक्षे की तलाश में श्रीलंका में नाकेबंदी की जाने लगी है. मंगलवार शाम से भीड़ महिंदा राजपक्षे को तलाश रही है.
श्रीलंका में 9 मई से हिंसा और आगजनी तेज हुई है. अब तक 8 लोगों की जान गई है और कोलंबो समेत अन्य जगहों पर 250 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद को भी जान गंवानी पड़ी. भीड़ चुन-चुनकर सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के ठिकानों पर तोड़फोड़ और आगजनी कर नुकसान पहुंचा रही है. इतना ही नहीं, सोमवार को भीड़ ने राजपक्षे परिवार का पैतृक घर तक फूंक डाला.
देश में फिर से कर्फ्यू लगा
यह हालात तब बने, जब महिंदा राजपक्षे ने पीएम पद से इस्तीफा दे दिया है और उनके समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया. फिलहाल, हिंसा को देखते हुए देशभर में फिर से कर्फ्यू लगा दिया है. राजधानी कोलंबो में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सेना को सौंपा गया है.
राजपक्षे की तलाश कर रहे प्रदर्शनकारी
मंगलवार को श्रीलंका के त्रिंकोमाली नेवल बेस (Trincomalee Naval Base) के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. यहां लोगों को सूचना मिली थी कि पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार के सदस्य कोलंबो में सरकारी आवास छोड़कर यहां छिप गए हैं. त्रिंकोमाली श्रीलंका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित एक बंदरगाह शहर है. इससे पहले कोलंबो में हजारों गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने रातभर महिंदा के सरकारी आवास पर धावा बोल दिया.

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