
श्रीलंका में कार खरीदने के लिए क्यों मची मारामारी? पुरानी-सस्ती गाड़ी के लिए भी करोड़ों देने को तैयार लोग!
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श्रीलंका में इस्तेमाल की गई गाड़ियों का बाजार इन दिनों उफान पर है. देश में नए कारों के आयात पर प्रतिबंध है इस कारण लोग पुरानी इस्तेमाल की गई कारों को खरीदने पर मजबूर हैं. हालांकि इन कारों की भी कीमत इतनी अधिक है कि आम लोग खरीद नहीं पा रहे हैं.
दिवालिया होने के कगार पर खड़ा श्रीलंका सभी जरूरी सामानों की कमी से जूझ रहा है. सुपरमार्केट खाली हो चुके हैं और रेस्तरां खाद्य वस्तुओं की कमी के कारण बंद पड़े हैं लेकिन श्रीलंका में इस्तेमाल की गई कारों का बाजार फल-फूल रहा है. सरकार ने भोजन, दवा और ईंधन खरीदने के लिए आवश्यक डॉलर बचाने के लिए गैर-आवश्यक आयात पर रोक लगा दी है. इससे श्रीलंका में गाड़ियों की कमी हो गई है और कीमतें आसमान छू रहीं हैं. ऐसे में इस्तेमाल की गई कारों की मांग बढ़ गई है.

ईरानी मीडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एक सैन्य सूत्र ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के द्वीपों पर हमला हुआ तो वह 'बाब अल-मंडेब' स्ट्रेट में एक नया मोर्चा खोल सकता है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है. यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट के बीच होने वाले तेल और गैस का अधिकांश ट्रांसपोर्टेशन इसी रास्ते से होता है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर चिंता जताते हुए फ्रांसीसी राजनयिक जीन आर्नो को विशेष दूत नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और बड़े युद्ध का खतरा बढ़ रहा है. गुटेरेस ने शांति वार्ता को जरूरी बताते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक आपूर्ति पर असर की चेतावनी दी. उन्होंने अमेरिका-इजरायल से युद्ध खत्म करने और ईरान व हिज़्बुल्लाह से हमले रोकने की अपील की.

ईरान जंग शुरु होते ही पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया. जनता के गुस्से को शांत करने के लिए शहबाज-मुनीर ने पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने का दांव खेला पाकिस्तान के लोगों का ही दावा है कि विदेशी मीडिया से पाकिस्तान के मध्यस्थ होने को लेकर खबरें छपवाईं. लेकिन ईरान ने पाकिस्तान हकीकत उसका होर्मुज से जहाज रोककर बता दी. अब पाकिस्तान के लोग ही पूछ रहे हैं कि जब हमारा एक जहाज होर्मुज पार नहीं कर सकता. तो हम मध्यस्थ क्या खाक बनेंगे.

इजरायल ने ईरान के इस्फहान स्थित नौसैनिक रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसकी पनडुब्बी निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. यह केंद्र नौसेना के लिए पनडुब्बियों और सिस्टम विकसित करने का प्रमुख ठिकाना था. इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है.









